‘चीन के लिए रिकवरी के बावजूद तरक्की की रफ्तार को अगली तिमाहियों में कायम रख पाना आसान नहीं’

Edited By jyoti choudhary,Updated: 04 May, 2021 11:51 AM

it is not easy for china to maintain the growth momentum despite

चीन की वित्त वर्ष की पहली तिमाही के ग्रॉस डोमैस्टिक प्रोडक्ट (जी.डी.पी.) के जबरदस्त आंकड़ों के बाद आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि तरक्की की इस रफ्तार को अगली तिमाहियों में कायम रख पाना चीन के लिए इतना आसान नहीं होगा क्योंकि मौजूदा हालातों में...

पेइचिंग: चीन की वित्त वर्ष की पहली तिमाही के ग्रॉस डोमैस्टिक प्रोडक्ट (जी.डी.पी.) के जबरदस्त आंकड़ों के बाद आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि तरक्की की इस रफ्तार को अगली तिमाहियों में कायम रख पाना चीन के लिए इतना आसान नहीं होगा क्योंकि मौजूदा हालातों में इकोनॉमी में ग्लोबल स्तर पर रिकवरी में समय लगेगा। लिहाजा वैश्विक मांग में भी तेजी नहीं आएगी, जिसका सीधा असर चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। चीन में घरेलू मांग में भी मंदी के आसार हैं जिसके संकेत अप्रैल महीने की पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडैक्स (पी.एम.आई.)में गिरावट से मिलने लगे हैं। 

साऊथ चाइना मार्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल में चीन की पी.एम.आई. 51.1 प्रतिशत रही है जो मार्च के 51.9 प्रतिशत के मुकाबले कम है। इस बीच सेवा और निर्माण क्षेत्र की पी.एम.आई. भी मार्च के 56.3 प्रतिशत के मुकाबले अप्रैल में गिरकर 51.9 प्रतिशत पर आ गई है। सर्वेक्षण वाली कम्पनियों ने कहा कि सीनियर एन.बी.एस. स्टेटिस्टिशियन झाओ क्वेहे ने कहा कि चिप की कमी, कंटेनर की कमी और बढ़ती माल ढुलाई दरों जैसी समस्याएं अभी भी गंभीर हैं।

हालांकि कुछ जानकारों ने चेतावनी दी है कि हाल के महीनों में चीन के अच्छे प्रदर्शन के बावजूद उसकी इकोनॉमिक रिकवरी अब भी अनिश्चितता से बाहर नहीं आई है। ऐसा इसलिए क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय डिमांड अब तक कमजोर ही बनी हुई है। हाल के दिनों में कई देशों में महामारी की नई लहर को रोकने के लिए आर्थिक गतिविधियों पर फिर से बंदिशें लगानी पड़ रही हैं, जिससे बिजनैस और ट्रेड पर बुरा असर पड़ रहा है।

पहली तिमाही में 18.3 प्रतिशत बढ़ी थी चीन की जी.डी.पी.
2021 की पहली तिमाही के दौरान चीन की जी.डी.पी. बढ़कर 24.93 ट्रिलियन युआन यानी करीब 3.83 ट्रिलियन डॉलर तक जा पहुंची है। 2020 की पहली तिमाही के मुकाबले यह करीब 18.3 प्रतिशत अधिक है, जो चीन के इतिहास में किसी भी तिमाही के दौरान दर्ज की गई सबसे बड़ी ग्रोथ रेट है। हालांकि 18.3 प्रतिशत बढ़ौतरी के इस आंकड़े में पिछले साल की पहली तिमाही के लो बेस का बड़ा हाथ है।

चीन कोरोना काल में पॉजिटिव ग्रोथ रेट दर्ज करने वाला इकलौता बड़ा देश
2020 में चीन की ग्रोथ रेट उसकी पिछली विकास दरों के मुकाबले भले ही कम रही हो, लेकिन कोरोना काल में पॉजिटिव विकास दर हासिल करने वाला चीन दुनिया का इकलौता बड़ा देश रहा है। 
इसकी बड़ी वजह यह है कि चीन ने महामारी पर जल्दी काबू पाकर अपनी अर्थव्यवस्था को खोल लिया था, जबकि अमरीका, यूरोप और जापान समेत दुनिया की ज्यादातर प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं कोरोना संकट से जूझने में लगी थीं।

2020 की पहली तिमाही में 6.8 प्रतिशत गिरी थी चीन की जी.डी.पी.
चीन की जी.डी.पी. में बढ़ौतरी का तिमाही आंकड़ा इतना अधिक इसलिए दिख रहा है, क्योंकि 2020 की पहली तिमाही के दौरान चीन की अर्थव्यवस्था में कोरोना महामारी के चलते 6.8 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली थी। साल 2020 की अंतिम तिमाही से तुलना करें तो 2021 की पहली तिमाही की जी.डी.पी. सिर्फ 0.6 प्रतिशत ही बढ़ी है। 2020 की अंतिम तिमाही में चीन की जी.डी.पी. 2019 की अंतिम तिमाही के मुकाबले 6.5 प्रतिशत बढ़ी थी। जबकि 2020 की सालाना विकास दर 2.3 प्रतिशत रही है।
 

Related Story

West Indies

137/10

26.0

India

225/3

36.0

India win by 119 runs (DLS Method)

RR 5.27
img title img title

Everyday news at your fingertips

Try the premium service

Subscribe Now!