Edited By jyoti choudhary,Updated: 29 May, 2026 10:39 AM

ईरान संकट, एआई (AI) के बढ़ते प्रभाव और नौकरियों में हो रही छंटनी जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, भारत का रियल एस्टेट मार्केट मजबूती से खड़ा है। प्रॉपटाइगर की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश के 8 प्रमुख शहरों में इस साल जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान आवास...
बिजनेस डेस्कः ईरान संकट, एआई (AI) के बढ़ते प्रभाव और नौकरियों में हो रही छंटनी जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, भारत का रियल एस्टेट मार्केट मजबूती से खड़ा है। प्रॉपटाइगर की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश के 8 प्रमुख शहरों में इस साल जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान आवास बाजार में घरों की कीमतों में 3 से 24 फीसदी तक की सालाना वृद्धि दर्ज की गई है।
बेंगलुरु बना सबसे हॉट मार्केट आईटी सिटी
आईटी सिटी बैंगलुरु में इस तिमाही में सबसे तेज ग्रोथ देखी गई, जहां प्रॉपर्टी की कीमतें 24 फीसदी बढ़कर 9,785 रुपए प्रति वर्ग फुट पर पहुंच गई हैं। मांग इतनी अधिक है कि शहर के कुछ पॉश इलाकों में मासिक किराया 1 लाख रुपए के पार जा चुका है।
प्रमुख शहरों का हाल
मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR): जनवरी-मार्च तिमाही में यहां कीमतें 20 फीसदी बढ़कर 15,120 रुपए प्रति वर्ग फुट हो गई हैं।
दिल्ली-एनसीआर: 18 फीसदी की वृद्धि के साथ औसत रेट 9,534 रुपए प्रति वर्ग फुट रहा।
अन्य शहर: पुणे में 12%, हैदराबाद में 11%, अहमदाबाद में 8%, कोलकाता में 7% और चेन्नई में 3% की वृद्धि दर्ज की गई।
बिक्री की संख्या घटी, पर बाजार का मूल्य बढ़ा
पिछले दिनों आई एक रिपोर्ट में देश के 75 शहरों का आंकड़ा शामिल किया गया था, जिसमें साफ पता चलता है कि प्रॉपर्टी की डिमांड आज भी बनी हुई है। दिलचस्प बात यह है कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान घरों की कुल बिक्री में 1 फीसदी की मामूली गिरावट 7,09,793 रही, इससे पहले के वित्तवर्ष में यह आंकड़ा 7,19,029 रहा था। बढ़ती कीमतों की वजह से कुल सौदों का मूल्य 16 फीसदी उछलकर 9,32,965 करोड़ रुपए हो गया है। इस दौरान बाजार में घरों की सप्लाई में भी 10 फीसदी का इजाफा देखा गया है, जो निवेशकों और खरीदारों के बीच निरंतर बनी हुई मांग को दर्शाता है