Edited By jyoti choudhary,Updated: 05 Jun, 2026 11:06 AM

भारत सरकार ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI/FII) को आकर्षित करने और सरकारी बॉन्ड बाजार में निवेश बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रपति ने इनकम टैक्स (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत विदेशी निवेशकों को सरकारी बॉन्ड में...
बिजनेस डेस्कः भारत सरकार ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI/FII) को आकर्षित करने और सरकारी बॉन्ड बाजार में निवेश बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रपति ने इनकम टैक्स (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत विदेशी निवेशकों को सरकारी बॉन्ड में निवेश से होने वाले कैपिटल गेन पर टैक्स से छूट दी जाएगी।
सरकार का उद्देश्य विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ाना, रुपए को मजबूती देना और भारतीय बॉन्ड बाजार को वैश्विक निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अभी विदेशी निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) पर 12.5% कैपिटल गेन टैक्स और 20% तक विदहोल्डिंग टैक्स देना पड़ता है। नए प्रावधान से इस टैक्स बोझ में बड़ी राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से भारत में विदेशी निवेश बढ़ सकता है और सरकार को अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड इंडेक्स में बेहतर प्रतिनिधित्व हासिल करने में मदद मिलेगी। हालांकि इसका असर तुरंत नहीं बल्कि मध्यम अवधि में दिखाई देने की संभावना है।