दुनिया में तेल की कमी नहीं, सप्लाई रूट बाधित होने से बढ़ीं कीमतें: हरदीप पुरी

Edited By Updated: 01 Oct, 2026 01:29 PM

no global oil shortage supply route disruptions driving prices hardeep puri

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि दुनिया में फिलहाल कच्चे तेल की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है। हालांकि, प्रमुख सप्लाई रूट बाधित होने और माल ढुलाई की लागत बढ़ने के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

नई दिल्लीः केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि दुनिया में फिलहाल कच्चे तेल की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है। हालांकि, प्रमुख सप्लाई रूट बाधित होने और माल ढुलाई की लागत बढ़ने के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) के 20वें स्थापना दिवस समारोह से इतर मीडिया से बातचीत में पुरी ने कहा कि दुनिया में प्रतिदिन करीब 104 मिलियन बैरल तेल की उपलब्धता है, जबकि खपत करीब 94 मिलियन बैरल प्रतिदिन है। उनके मुताबिक, समस्या तेल की कमी की नहीं बल्कि सप्लाई रूट के बाधित होने की है।

प्रमुख समुद्री मार्गों पर असर

पुरी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष, होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान और लाल सागर के रास्ते में आई रुकावटों का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाक्रमों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है और दुनिया की करीब 40 प्रतिशत ऊर्जा इसी रास्ते से गुजरती है। सप्लाई रूट में रुकावट से माल ढुलाई और परिवहन लागत बढ़ती है, जिसका असर ऊर्जा कीमतों पर पड़ता है।

घरेलू तेल-गैस उत्पादन बढ़ाने पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव से जोखिम कम करने के लिए भारत घरेलू तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की ‘समुद्र मंथन’ पहल के शुरुआती नतीजे सामने आने लगे हैं। घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में होने वाले बदलाव का भारत पर असर कम करने में मदद मिल सकती है।

बढ़ती खपत के साथ उत्पादन बढ़ाना जरूरी

पुरी ने कहा कि भारत में ऊर्जा की खपत लगातार बढ़ रही है, इसलिए घरेलू उत्पादन में भी समान रूप से बढ़ोतरी जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि कुओं में पर्याप्त निवेश नहीं किया जाता है तो समय के साथ उनका उत्पादन घटने लगता है।

उन्होंने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार से जुड़े बाहरी जोखिमों के बीच घरेलू उत्पादन मजबूत करने की दिशा में काम जारी रखेगा। पुरी ने भारत की ऊर्जा स्थिति को लेकर भरोसा जताते हुए कहा कि सहयोग और समन्वय के साथ देश इन चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होगा।

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!