RBL Bank: भारत के बैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव: दिग्‍गज बैंक को खरीद रही दुबई की ये कंपनी, वित्त मंत्रालय ने दी मंजूरी

Edited By Updated: 16 May, 2026 09:29 AM

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RBL Bank: भारत के बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। दुबई के प्रमुख बैंक Emirates NBD को भारत सरकार के वित्त मंत्रालय से RBL Bank में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी मिल गई है। यह सौदा भारतीय फाइनेंशियल सेक्टर में अब तक के सबसे...

RBL Bank: भारत के बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। दुबई के प्रमुख बैंक Emirates NBD को भारत सरकार के वित्त मंत्रालय से RBL Bank में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी मिल गई है। यह सौदा भारतीय फाइनेंशियल सेक्टर में अब तक के सबसे बड़े foreign direct investment (FDI) में शामिल माना जा रहा है। 15 मई 2026 को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में RBL Bank ने बताया कि वित्त मंत्रालय ने Emirates NBD को बैंक में 49% से 74% तक हिस्सेदारी रखने की अनुमति दे दी है। इस डील की अनुमानित कीमत करीब 3 अरब डॉलर यानी लगभग 26,850 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

कैसे होगी यह डील?
इस अधिग्रहण की शुरुआत अक्टूबर 2025 में हुई थी, जब दोनों पक्षों के बीच निवेश समझौता हुआ था। अब इस योजना के तहत Emirates NBD पहले चरण में नए इक्विटी शेयर खरीदेगा। दुबई का यह बैंक करीब 959 मिलियन नए शेयर ₹280 प्रति शेयर की कीमत पर खरीदने वाला है। इस निवेश के बाद Emirates NBD को RBL Bank में लगभग 60% तक शुरुआती नियंत्रण मिल सकता है। इसके बाद Bank Public Shareholders के लिए 26% तक अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने के लिए ओपन ऑफर भी लाएगा। हालांकि कुल हिस्सेदारी बढ़ने की संभावना है, लेकिन अंतिम हिस्सेदारी भारतीय नियमों के अनुसार 74% की सीमा के भीतर ही रखी जाएगी।

भारत में मजबूत होगी Emirates NBD की मौजूदगी
इस डील के तहत भारत में मौजूद Emirates NBD की शाखाओं को भी RBL Bank में मिलाने की योजना है। इससे एक बड़ा और मजबूत बैंकिंग नेटवर्क तैयार होगा। RBL Bank के पास 2025 के अंत तक देशभर में 564 शाखाएं थीं और बैंक 1.5 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों को सेवाएं दे रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बड़े निवेश से बैंक की पूंजी स्थिति मजबूत होगी और डिजिटल बैंकिंग, कॉर्पोरेट लोन और वेल्थ मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में तेजी से विस्तार किया जा सकेगा।

अब RBI की मंजूरी बाकी
वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद अब इस पूरे सौदे के लिए final permission Reserve Bank of India से मिलनी बाकी है। RBI की मंजूरी के बाद ही यह डील पूरी तरह लागू हो सकेगी। इससे पहले नवंबर 2025 में हुई शेयरधारकों की विशेष बैठक में इस प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला था। विलय के पक्ष में लगभग 99.9% और तरजीही शेयर जारी करने के पक्ष में 98.8% वोट पड़े थे।  


 

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