Share Market Down: महीने के पहले दिन शेयर मार्केट लहूलुहान, 72000 के लेवल से फिसला सेंसेक्स

Edited By Updated: 01 Oct, 2026 03:34 PM

stock market bloodbath on the first day of the month investors suffer 10 lakh

अक्टूबर के पहले दिन शेयर बाजार में भारी गिरावट आई और निवेशकों को लाखों करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। सेंसेक्स-निफ्टी दोनों में 1.5% से ज्यादा की गिरावट आई। लगातार विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और अन्य कारणों से

मुंबईः अक्टूबर के पहले दिन शेयर बाजार में भारी गिरावट आई और निवेशकों को लाखों करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। सेंसेक्स-निफ्टी दोनों में 1.5% से ज्यादा की गिरावट आई। लगातार विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और अन्य कारणों से निवेशक डरे हुए थे।

बीएसई सेंसेक्स 570.59 अंक गिरकर 71,909.70 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 में 198.50 अंक की गिरावट आई और यह 22,421.95 के स्तर पर बंद हुआ। 

कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,200 अंक गिरकर 71,300 के नीचे आ गया, जबकि निफ्टी 50 में करीब 400 अंक की गिरावट आई और यह 22,300 के नीचे चला गया। इस भारी बिकवाली के कारण बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग 10 लाख करोड़ रुपए घट गया यानि महीने के पहले ही दिन निवेशकों को 10 लाख करोड़ रुपए का झटका लगा।

किन शेयरों में आई गिरावट?

आज M&M, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, ITC, HUL और BEL के शेयरों में 3-4% की गिरावट आई और ये सेंसेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयर रहे। वहीं ट्रेंट, L&T, पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस, एटरनल और टाइटन के शेयरों में 2% से ज्यादा गिरावट आई। इसके उलट, HDFC बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में लगभग 1% की बढ़त देखी गई।

गिरावट के तीन बड़े कारण....

FII की बिकवाली

विदेशी निवेशक लगातार पांचवें दिन बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं। 30 सितंबर को इन्होंने 10,148 करोड़ रुपए के भारतीय शेयर बेचे। पिछले दो दिनों में विदेशी निवेशकों ने कुल 20,128 करोड़ रुपए की भारी बिकवाली की है। अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड बढ़कर 5.3% होने से एफआईआई ने पैसा निकालना तेज कर दिया है। हालांकि, बाजार के लिए एक बात सकारात्मक है कि ये निवेशक प्राइमरी मार्केट और महंगे मिड-स्मॉलकैप में अभी भी खरीदारी कर रहे हैं।

रुपए में भारी गिरावट

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स तीन महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। इसके कारण एशियाई मुद्राओं के साथ-साथ भारतीय रुपए में भी बड़ी कमजोरी आई है। रुपया 0.16 फीसदी टूटकर 95.98 प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया है। रुपए के कमजोर होने से विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगाता है और वे सुरक्षित डॉलर की तरफ भागते हैं।

इंडिया VIX में उछाल

बाजार में डर और उतार-चढ़ाव को मापने वाले इंडेक्स ‘इंडिया VIX’ में करीब 5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और ये 14.13 पर पहुंच गया है। इंडिया VIX का बढ़ना इस बात का साफ संकेत है कि निवेशकों के बीच अनिश्चितता और घबराहट का माहौल है। निवेशक इस समय कोई भी बड़ा जोखिम लेने से बच रहे हैं।

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