आटे की कीमत कम करने के लिए सरकार ने उठाया कदम, 12 जुलाई से लागू होगा नया नियम

Edited By jyoti choudhary,Updated: 08 Jul, 2022 12:18 PM

the government has taken steps to reduce the price of flour

सरकार ने मई में गेहूं के निर्यात पर रोक लगाने के बाद अब गेहूं के आटे, मैदा और सूजी के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। इन जिंसों के निर्यातकों को अब 12 जुलाई से गेहूं के निर्यात पर अंतर-मंत्रालयी समिति की मंजूरी की जरूरत होगी।

नई दिल्लीः सरकार ने मई में गेहूं के निर्यात पर रोक लगाने के बाद अब गेहूं के आटे, मैदा और सूजी के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। इन जिंसों के निर्यातकों को अब 12 जुलाई से गेहूं के निर्यात पर अंतर-मंत्रालयी समिति की मंजूरी की जरूरत होगी। 

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘गेहूं के आटे की निर्यात नीति मुक्त है लेकिन इसका निर्यात, गेहूं निर्यात मामले पर बनी अंतर-मंत्रालयी समिति की सिफारिश के अधीन होगा।'' नया अनुमोदन ढांचा गेहूं के आटे, मैदा, सूजी (रवा / सिरगी), साबुत आटे इत्यादि पर लागू होगा। अधिसूचना के अनुसार, गेहूं के आटे की गुणवत्ता के संबंध में आवश्यक तौर-तरीके अलग से अधिसूचित किए जाएंगे। 

इस अधिसूचना के तहत बदलाव की व्यवस्था के संबंध में विदेश व्यापार नीति के प्रावधान लागू नहीं होंगे। वर्ष 2021-22 में भारत ने 24 करोड़ 65.7 लाख डॉलर के गेहूं के आटे का निर्यात किया था। मई में भारत ने भीषण गर्मी से गेहूं उत्पादन प्रभावित होने की चिंताओं के बीच कीमतों में तेजी पर अंकुश के लिए गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। 
 

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