Edited By jyoti choudhary,Updated: 29 May, 2026 05:43 PM

भारतीय शेयर बाजार में दिनभर भारी उतार-चढ़ाव के बाद कारोबार के अंत में बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। विदेशी निवेशकों द्वारा अंतिम क्षणों में की गई भारी बिकवाली ने हाहाकार मचा दिया। वैश्विक स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच, BSE सेंसेक्स कारोबार...
बिजनेस डेस्कः भारतीय शेयर बाजार में दिनभर भारी उतार-चढ़ाव के बाद कारोबार के अंत में बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। विदेशी निवेशकों द्वारा अंतिम क्षणों में की गई भारी बिकवाली ने हाहाकार मचा दिया। वैश्विक स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच, BSE सेंसेक्स कारोबार के दौरान 1,200 अंकों तक गोता लगाने के बाद अंत में 1,092 अंक (1.44%) की गिरावट के साथ 74,775.74 पर बंद हुआ। इसी तरह, एनएसई निफ्टी 50 भी 359.40 अंक (1.5%) फिसलकर 23,547.75 के स्तर पर आ गया। इस भारी गिरावट के कारण बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण (Market Cap) 5.17 लाख करोड़ रुपए घट गया।
गिरावट के प्रमुख कारण और वैश्विक परिस्थितियां
बाजार में इस अनिश्चितता की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली डील को लेकर जारी सस्पेंस है। हालांकि दोनों पक्ष 60 दिनों के संघर्षविराम के लिए राजी हुए हैं लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इस पर अपनी मुहर नहीं लगाई है। इस बीच, जमीनी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं क्योंकि ईरान की सेना ने संदिग्ध ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं, वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्रालय का दावा है कि ईरान ने कुवैत और होर्मुज स्ट्रेट के पास ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। इन भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच ब्रेंट क्रूड (कच्चा तेल) 1.6% की गिरावट के साथ 92.21 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
5.17 लाख करोड़ का नुकसान
गुरुवार, 28 मई को शेयर मार्केट बकरीद के मौके पर बंद थे। बुधवार को बाजार बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,70,15,345.51 करोड़ रुपए रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह 4,64,97,814.78 करोड़ रुपए हो गया यानि कि 5,17,530.73 करोड़ रुपए की कमी।
बाजार का आंतरिक प्रदर्शन
दिग्गज शेयरों की स्थिति: सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयरों में गिरावट रही, जिसमें पावरग्रिड (4% की गिरावट) सबसे बड़ा लूजर रहा। इसके अलावा इंडिगो, बजाज फाइनेंस, रिलायंस और टाटा स्टील जैसे प्रमुख शेयरों में भी बिकवाली देखी गई। इसके विपरीत, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और एशियन पेंट्स जैसे कुछ शेयरों में तेजी दर्ज की गई।
ब्रॉडर मार्केट और सेक्टर्स: मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी भारी दबाव रहा, जहां निफ्टी मिडकैप 100 में 1.33% की गिरावट आई। सेक्टर के लिहाज से देखें तो मेटल और ऑयल एंड गैस इंडेक्स 2% से अधिक टूट गए, जबकि आईटी सेक्टर में मामूली बढ़त देखी गई
घबराहट का सूचकांक: बाजार में बढ़ती अस्थिरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि India VIX (वोलैटिलिटी इंडेक्स) लगभग 9% उछलकर 16.35 पर पहुंच गया।