Vijay Mallya के दावे पर बैंकों का पलटवार, हाई कोर्ट में पेश किया ₹8,752 करोड़ का हिसाब

Edited By Updated: 03 Oct, 2026 01:27 PM

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विजय माल्या के उस दावे पर नया विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि बैंक उनके बकाये से ज्यादा रकम पहले ही वसूल चुके हैं। अब SBI की अगुवाई वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने बॉम्बे हाई कोर्ट को बताया है कि अगस्त 2026 तक माल्या से करीब ₹8,752...

नई दिल्लीः विजय माल्या के उस दावे पर नया विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि बैंक उनके बकाये से ज्यादा रकम पहले ही वसूल चुके हैं। अब SBI की अगुवाई वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने बॉम्बे हाई कोर्ट को बताया है कि अगस्त 2026 तक माल्या से करीब ₹8,752 करोड़ की वसूली अभी बाकी थी।

बैंकों के मुताबिक, डेट रिकवरी ऑफिसर अब तक करीब ₹10,270 करोड़ की वसूली कर चुके हैं। हालांकि, लेंडर्स का कहना है कि इस रकम को रिकवरी सर्टिफिकेट के तहत अभी भी बकाया राशि से अलग करके नहीं देखा जा सकता।

माल्या ने की थी केस खत्म करने की मांग

लंदन में रह रहे विजय माल्या ने 2020 में बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों को खत्म करने की मांग की थी। माल्या का तर्क था कि बैंकों ने उनका पूरा बकाया वसूल कर लिया है, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रखने का आधार नहीं बचता। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ई.डी.) ने भी अपना पक्ष रखा है। पिछले महीने हाई कोर्ट ने एसबीआई को इस दावे पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।

कब होगी अगली सुनवाई?

बैंकों ने अपने हलफनामे में बताया कि डेट रिकवरी ऑफिसर ने लेंडर्स ग्रुप के बॉन्ड अंडरटेकिंग के आधार पर करीब ₹10,270 करोड़ की अस्थायी रिकवरी की है।

बैंकों के अनुसार, डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) में मुकदमा दायर होने से पहले ₹544.58 करोड़ की वसूली हुई थी। जनवरी 2026 में दाखिल पिछले हलफनामे में कानूनी और अन्य खर्चों को छोड़कर करीब ₹8,135.63 करोड़ बकाया बताया गया था। 31 अगस्त तक यह रकम बढ़कर ₹8,751.86 करोड़ हो गई। इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होनी है।

ED ने आपराधिक मामलों पर दिया जोर

ED ने हाई कोर्ट में कहा है कि करीब ₹14,132 करोड़ की संपत्तियां SBI को वापस की जा चुकी हैं। हालांकि, एजेंसी का तर्क है कि संपत्तियों की रिकवरी से बैंकों के सिविल दावे प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन इससे PMLA के तहत चल रही आपराधिक कार्यवाही अपने आप खत्म नहीं होती।

बैंकों ने यह भी बताया कि मामले में अटैच की गई कुछ शेयरहोल्डिंग अभी सुरक्षित है और उनकी बिक्री नहीं हुई है। कंसोर्टियम DRT की कार्रवाई और अटैच की गई संपत्तियों की बिक्री या वापसी के जरिए आगे की रिकवरी का प्रयास कर रहा है।

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