पाक सीमा पर माइनिंग से पैदा हुए अंतर्राष्ट्रीय खतरे को लेकर सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं हाईकोर्ट

Edited By Ajay Chandigarh,Updated: 02 Aug, 2022 08:55 PM

big brother watch you  seeks reply in form of affidavit on next hearing

पंजाब में हो रही गैर-कानूनी माइङ्क्षनग को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पर आधारित बैंच ने मंगलवार को सुनवाई की। इस दौरान बैंच ने पंजाब सरकार की ओर से दाखिल किए गए जवाब पर असंतोष जताते हुए सरकार को विस्तृत जवाब एफिडैविट की मार्फत...

चंडीगढ़,(हांडा): पंजाब में हो रही गैर-कानूनी माइङ्क्षनग को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पर आधारित बैंच ने मंगलवार को सुनवाई की। इस दौरान बैंच ने पंजाब सरकार की ओर से दाखिल किए गए जवाब पर असंतोष जताते हुए सरकार को विस्तृत जवाब एफिडैविट की मार्फत दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने केंद्र की ओर इशारा करते हुए कहा कि ‘बिग ब्रदर वाच यू’। 

 


पंजाब सरकार के अधिवक्ता ने सीमा पर अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बी.एस.एफ. की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट पेश की लेकिन कोर्ट ने इस रिपोर्ट को यह कहकर अस्वीकार कर दिया कि सीधे कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल नहीं हो सकती। पहले इसे रिकॉर्ड में लाया जाए और रजिस्ट्री की मार्फत कोर्ट में पेश किया जाए।
कोर्ट ने पंजाब में खासकर पठानकोट व गुरदासपुर जैसे सीमा क्षेत्रों में हो रही माइङ्क्षनग से भारत-पकिस्तान सीमा पर सुरक्षा प्रभावित हो रही है या नहीं, यह जानने के लिए केंद्र व पंजाब सरकार सहित सुरक्षा एजैंसियों को रिपोर्ट देने के लिए कहा था। कोर्ट ने यह भी पूछा था कि माइङ्क्षनग के कारण घुसपैठियों को सीमा पार करने के नए विकल्प तो नहीं मिल रहे? याचीपक्ष ने कोर्ट को बताया कि पंजाब में आज भी बड़ी मशीनरियों की मार्फत पठानकोट व गुरदासपुर बैल्ट में रावी नदी पर अवैध माइङ्क्षनग हो रही है, जहां आधी रात जे.सी.बी. व अन्य बड़ी मशीनें माइङ्क्षनग कर रही हैं। जिन्हें माइङ्क्षनग की अनुमति दी गई है, वह निर्धारित माइङ्क्षनग से अधिक माइङ्क्षनग कर सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना लगा रहे हैं लेकिन विभाग या पुलिस कुछ नहीं कर रही। 

 


कोर्ट को बताया गया कि अभी भी कई जगह बिना अलॉटमैंट के माइङ्क्षनग की जा रही है, जिसके उदाहरण भी कोर्ट के समक्ष रखे गए। वहीं पंजाब सरकार की ओर से पेश किए गए जवाब में कहा गया है कि पंजाब सरकार माइङ्क्षनग को लेकर बने कानून को सख्ती से लागू कर रही है। अवैध माइङ्क्षनग की सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया हुआ है, जिस पर इस वर्ष 27 जुलाई तक 42 शिकायतें मिल चुकी हैं। इन पर कार्रवाई हुई है। एक जनवरी से 29 जुलाई तक अवैध माइङ्क्षनग व माइङ्क्षनग नियमों की उल्लंघना के 620 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 985 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें से 663 को जिला अदालतों से जमानत मिली है, बाकी के जेल में हैं। एफिडैविट में बताया गया कि माइङ्क्षनग के लिए इस्तेमाल होने वाले 798 वाहनों को जब्त किया गया है, जिनमें से 535 वाहन कोर्ट ने रिलीज किए हैं। कोर्ट को बताया गया कि हर माइङ्क्षनग साइट पर जूनियर इंजीनियर तैनात है, जो हर दिन हर माइङ्क्षनग साइट की जानकारी अपलोड करता है। समय-समय पर माइङ्क्षनग विभाग के अधिकारी व इंफोर्समैंट विंग भी औचक निरीक्षण करता है। पंजाब सरकार ने बताया कि हर एक माइङ्क्षनग साइट का पूरा रिकार्ड डिजिटल है और हर साइट पर सी.सी.टी.वी. कैमरे लगे हैं, जिनकी मॉनिटरिंग होती है। 

 


चीफ जस्टिस ने पंजाब सरकार के जवाब को लेकर कहा कि सरकार ने यह कहीं जिक्र नहीं किया कि माइङ्क्षनग पर रोक लगाने के आदेश पारित किए गए या रोकने के लिए क्या किया। न ही यह बताया कि भविष्य में अवैध माइङ्क्षनग को रोकने और ग्रीनरी बनाए रखने के लिए सरकार की क्या योजना है। कोर्ट ने अगली सुनवाई पर सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। 

 


कोर्ट ने केंद्र सरकार के अधिवक्ता को भी माइङ्क्षनग के कारण होने वाले पर्यावरण के नुक्सान और ग्रीनरी बनाए रखने के लिए केंद्र की क्या योजना है, बताने को कहा था लेकिन केंद्र ने दर्जनभर विभागों का जिक्र करते हुए कहा कि सभी से जानकारी एकत्रित करने के बाद ही जवाब दिया जा सकता है, जिसके लिए केंद्र ने समय की मांग की। इस पर कोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी। 
 

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