नहीं बढ़ेगा बिजली का टैरिफ, सरचार्ज भी हटाया

Edited By pooja verma,Updated: 19 Jun, 2019 10:11 AM

electric tariffs surcharges removed will not increase

शहर के 2 लाख 12 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को ज्वाइंट इलैक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जे.ई.आर.सी.) ने बड़ी राहत दी है।

चंडीगढ़ (राजिंद्र): शहर के 2 लाख 12 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को ज्वाइंट इलैक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जे.ई.आर.सी.) ने बड़ी राहत दी है। अब सिटी मेें साल 2019-20 में बिजली के दाम नहीं बढ़ेंगे। इसके अलावा 5 प्रतिशत बढ़े सरचार्ज को भी वापस ले लिया गया है।  

 

नई दरें 1 जून से लागू मानी जाएंगी। उपभोक्ताओं को यह राहत घरेलू और व्यवसायिक दोनों ही कैटेगरी के रेट में मिली है। इसकी जानकारी यू.टी. प्रशासन के इलैक्ट्रिसिटी डिपार्टमैंट की ओर से दी गई है। विभाग ने तीन माह पूर्व चंडीगढ़ में साल 2019-20 में बिजली के रेट में कोई बढ़ौतरी न करने का प्रस्ताव जे.ई.आर.सी. को भेजा था। 

 

विभाग की ओर से बिजली के दाम न बढ़ाने को लेकर जो पटीशन जे.ई.आर.सी. को भेजी गई थी, उसमें स्पष्ट था कि बिजली विभाग के पास 18.65 करोड़ रुपए सरप्लस है। 

 

इसलिए विभाग अगले वित्तीय वर्ष के लिए बिजली के रेट में किसी तरह की बढ़ौतरी नहीं चाहता है। बीते तीन साल में बिजली विभाग ने कॉमर्शियल अकाउंट के घाटे को काफी हद तक कम कर लिया है। जे.ई.आर.सी. के इस फैसले से शहरवासियों को बड़ी राहत मिली है।

 

3 साल तक नहीं हुई थी बढ़ोतरी
अप्रैल 2016-17 से पहले 2012-13 में कमीशन ने 14 प्रतिशत तक बिजली का टैरिफ बढ़ा दिया था, लेकिन उसके बाद जे.ई.आर.सी. द्वारा साफतौर पर कह दिया गया कि जब तक विभाग कमर्शियल ऑडिट नहीं करवा देता, तब तक टैरिफ नहीं बढ़ाया जा सकता। 

 

बिजली विभाग के सुपरिंटैंडिंग इंजीनियर राजेंद्र सिंह के अनुसार जे.ई.आर.सी. ने मई 2016 में मल्टी ईयर टैरिफ अप्रूव कर दिया था। तब टैरिफ 17.78 फीसदी बढ़ाने की सिफारिश की थी। 

 

इसके बाद भी बिजली विभाग का पिछले सालों का घाटा 268 करोड़़ रुपए पहुंच गया था। बिजली विभाग ने 2017 में जे.ई.आर.सी. के समक्ष पिटीशन दायर की थी, लेकिन जे.ई.आर.सी. ने टैरिफ नहीं बढ़ाया था।

 

वर्ष 2018-19 में बढ़े थे मामूली रेट 
वर्ष 2018-19 के लिए बिजली के मामूली रेट बढ़े थे। डोमैस्टिक कंज्यूमर को हर यूनिट के 20 पैसे और कमर्शियल कंज्यूमर को हर यूनिट के 15 पैसे प्रति यूनिट 1 अप्रैल से ज्यादा देने पड़ रहे हैं। 

 

पूरे बिल पर 5 फीसदी रेगुलेटरी सरचार्ज अलग से लग रहा है। 2000 रुपए का बिल आता है तो उस पर 100 रुपए रेगुलेटरी सरचार्ज देना पड़ रहा है। यह डोमैस्टिक, कमर्शियल और इंडस्ट्री पर लागू है। हालांकि इंडस्ट्री की बिजली दरों में कमी की गई है।

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