पी.यू. में दुकानदार की आत्महत्या के विरोध में स्टूडैंट सैंटर व सैक्टर-14 मार्कीट के दुकानदार उतरे सड़क पर

Edited By Ajay Chandigarh, Updated: 15 Jan, 2022 12:30 PM

five times the rent has been sought for lease transfer

पी.यू. कैंपस में स्टूडैंट सैंटर के राज ईटरी के दुकानदार नीरज द्वारा की गई आत्महत्या के विरोध में पी.यू. के स्टूडैंट सैंटर व सैक्टर-14 के मार्कीट के दुकानदार निराश होकर सड़कों पर उतर आए। शुक्रवार देर शाम तक वह सैक्टर-14 व 15 गेट पर इकट्ठे होकर धरने...

चंडीगढ़,(रश्मि हंस): पी.यू. कैंपस में स्टूडैंट सैंटर के राज ईटरी के दुकानदार नीरज द्वारा की गई आत्महत्या के विरोध में पी.यू. के स्टूडैंट सैंटर व सैक्टर-14 के मार्कीट के दुकानदार निराश होकर सड़कों पर उतर आए। शुक्रवार देर शाम तक वह सैक्टर-14 व 15 गेट पर इकट्ठे होकर धरने पर बैठ गए। दुकानदारों ने कहा कि पी.यू. के दुकानदारों के प्रति सख्त रवैये के कारण और दुकानदारों की वित्तीय स्थिती खराब होने के कारण 40 वर्षीय नीरज ने आत्म जैसा कदम उठाया। सभी लोग दुकानदार के अंतिम संस्कार के बाद दुकानें बंद करके धरने पर बैठे थे। दुकानदारों ने बताया कि सैक्टर-14 की दो दुकानें कोरोना काल में  टाइम बाऊंड समय के लिए खुलती थीं। उनके बहुत कहने पर पी.यू. ने  सिर्फ उन्हें 10 फीसदी  किराए में रिबेट दी है। हालांकि स्टूडैंट सैंटर बंद  होने के कारण वहां पर दुक ानदारों को किराए में छूट दी गई थी लेकिन फिर आज से चार दिन के लिए दुकानें बंद करने के निर्देश जारी कर दिए गए थे। कोरोना के कारण करीबन पौने दो वर्ष से बंद पड़ी दुकानों को दुकानदार ने रैनोवेशन करके दुकानें खोली हैं। रैनोवेशन पर दुकानदारों का और अधिक खर्च हुआ है और उनकी वित्तीय स्थिती पहले से ही खराब है।

 


बाहर के ग्राहक आते नहीं, मार्कीट स्टूडैंट पर निर्भर
दुकानदारों ने कहा कि पिछले दो वर्ष से पी.जी.आई. की ओर से खुलने वाले गेट नंबर-1  बंद हैं। डैंटल कालेज का गेट भी लंबे समय तक बंद रहा। सैक्टर-14  में बाहर के  ग्राहक आते ही नहीं है। मार्कीट पूरी तरह से स्टूडैंट पर निर्भर है। कैंपस में स्टूडैंट होते हैं तो दुकान चलती हैं, नहीं तो दुकानों पर ग्राहक नहीं आते हैं। छुटिट्यों के दिनों में वैसे भी कैंपस में बिजनैस नहीं होता है।

 


पांच गुना अधिक किराया देना मुश्किल
 विनोद कुमार ने कहा कि रिशतेदार द्वारा दुकान  की लीज अपने नाम ट्रांसफर करने के लिए मौजूदा कि राए से पांच गुना अधिक किराया हर माह देने मुश्किल ही है। पी.यू. को इसके लिए कोई ओर रास्ता निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि  रैंट डीड के साथ ही दुकानदारों से पिछले वर्षसे ही सिक्योरिटी ली जा रही है। उन्होंने अपनी दुकान के किराए के हिसाब से 50 हजार सिक्योरिटी भरी है, लेकिन अब पी.यू. फिर से कोई  टैक्स और एफडी के लिए मांग कर रहा है। जबकि पी.यू. को दुकानों को किराए में ओर रिबेट दी जानी चाहिए। 

 


25,000 रुपए का मिला था नोटिस, 
 मार्कीट प्रैजीडैंट विनोद कुमार ने बताया कि पहले नीरज के पिता के पास यह दुकान थी जो यह दुकान चला रहे थे। सत्र-2006 में उसके पिता की मृत्यु होने के बाद नीरज स्टूडैंट सैंटर पर स्थित किराए की दुकान के लीज से संबंधित सभी कागज अपने नाम ट्रास्ंाफर करवाने  की कोशिश कर रहा था। 
पी.यू. ने नियम बना रखे हैं कि अगर इस तरह से कोई अपने रिश्तेदार की मृत्यु के बाद दुकान चलाना चाहता है तो उसे 5 गुना ज्यादा किराया देना होगा।  नीरज को दुकान के कि राए का हाल ही में करीबन 24-25 हजार किराए का नोटिस मिला था। इसके बाद उसने आत्म हत्या कर ली। 

इस मामले को लेकर वह अगले सप्ताह  बैठक करेंगे। बैठक में हर दुकानदार की समस्याओं को सुना जाएगा और पूरी कौशिश की जाएगी कि उनकी हर समस्याओं का हल निकाला जाए। 
—डा. प्रशात गौतम, कमेटी सदस्य 

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