डिप्टी कमिश्नर ने सभी मल्टीप्लैक्स को दिए निर्देश, खाने-पीने के सामान के रेट हों वाजिब

Edited By Punjab Kesari,Updated: 01 May, 2018 08:50 AM

in the multiplexes rate of food and drinks should be reasonable

मल्टीप्लैक्स में खाने-पीने का सामान वाजिब दाम पर ही बेचा जाना चाहिए।

चंडीगढ़ (राजिंद्र): मल्टीप्लैक्स में खाने-पीने का सामान वाजिब दाम पर ही बेचा जाना चाहिए। इस संबंध में 30 दिन के अंदर एक रिपोर्ट सौंपी जानी चाहिए। यह आदेश डिप्टी कमिश्नर अजीत बालाजी जोशी ने सोमवार को शहर के सभी मल्टीप्लैक्स प्रबंधन को जारी किए, क्योंकि मल्टीप्लैक्स में खाने-पीने के सामान के दाम अत्यधिक हैं।  

 

इस संबंध में डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर प्रोटैक्शन काऊंसिल के डिप्टी कमिश्नर अजीत बालाजी जोशी की अध्यक्षता में मल्टीप्लैक्स का प्रतिनिधित्व कर रहे पदाधिकारियों के साथ आज एक मीटिंग हुई। इसमें निर्देश दिए गए कि सीनियर सिटीजंस, बच्चे और मरीजों को खाने-पीने का सामान मल्टीप्लैक्स में लाने की इजाजत दी जानी चाहिए। 

 

इसके अलावा डी.सी. ऑफिस में रेट लिस्ट सबमिट होने के साथ ही उन्हें सभी फूड आइटम्स की लिस्ट मल्टीप्लैक्स में भी डिस्प्ले करने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि मुम्बई हाईकोर्ट ने हाल ही में आदेश जारी किए थे कि लोगों को मल्टीप्लैक्स के अंदर खुद का भोजन और वाटर बोटल्स लाने को प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता है। मल्टीप्लैक्स ऑनर्स को भी अत्यधिक कीमत पर खाने-पीने का सामान बेचने की इजाजत दे रखी है। 

  

इन अत्यधिक रेट्स को कम करने की जरूरत है। मुम्बई हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर ही शहर में मल्टीप्लैक्स ऑनर्स को डी.सी. ने यह आदेश जारी किए हैं। शहर में सात मल्टीप्लैक्स हैं, जिनमें रोजाना करीब आठ हजार लोग मूवी देखने के लिए आते हैं। वीकैंड में इन लोगों की संख्या बढ़कर 10 से 12 हजार पहुंच जाती है। 

 

इस संबंध में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर सचिन राणा ने बताया कि मल्टीप्लैक्स का प्रतिनिधित्व कर रहे पदाधिकारियों के साथ उनकी मीटिंग हुई हैं, जिसमें उनसे अत्यधिक रेट्स पर पुनॢवचार करने के लिए कहा गया है। इस संबंध में 30 दिन के अंदर उन्हें रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसके अलावा उन्हें रेट्स डिस्प्ले करने के लिए भी कहा गया है।

 

सिक्योरिटी स्टाफ को भी ट्रेनिग
इसके अलावा डी.सी. ने निर्देश दिए हैं कि मल्टीप्लैक्स में सिक्योरिटी स्टाफ को भी ट्रेङ्क्षनग देने की जरूरत है, क्योंकि उनका लोगों के साथ व्यवहार ठीक नहीं रहता है। इस संबंध में प्रशासन को लोगों की शिकायतें भी मिली हैं कि वे जब भी मूवी देखने के लिए जाते हैं तो सिक्योरिटी स्टाफ ठीक व्यवहार नहीं करता है। 

 

पी.वी.आर. एलांते के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि उन्हें टिकट से कुछ भी कमाई नहीं होती है, क्योंकि टिकट पर टैक्स काफी अधिक है। इसके अलावा मॉल के वाॢषक रेंट के रूप में उन्हें काफी राशि चुकानी पड़ती है। कर्मचारियों के वेतन के साथ ही अन्य बिल चुकाने में भी काफी अधिक राशि चुकानी पड़ती है। यही कारण है कि उनको सिर्फ खाने-पीने के सामान से ही थोड़ी कमाई होती है। उसी से उनका पूरा खर्च चलता है।

 

ज्यादा दामों पर बेचते हैं फूड आइटम्स
डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर प्रोटैक्शन काऊंसिल के मैंबर आर.के. कप्लाश ने कहा कि मल्टीप्लैक्स अत्यधिक दामों पर खाने-पीने का सामान बेचते हैं, जो कि गलत है। इसके अलावा वे लोगों को भी फूड आइटम्स और वाटर बोटल्स अंदर ले जाने की इजाजत नहीं देते हैं। 

 

उन्होंने कहा कि एम.आर.पी. के ऊपर वे कैसे सामान बेच सकते हैं। इसके अलावा वे लोगों को वहीं से सामान खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते हैं। मीटिंग में प्रशासन की कार्रवाई का कुछ मल्टीप्लैक्स के अधिकारियों ने विरोध भी किया, जिसके चलते उन्हें डी.सी. की फटकार का सामना करना पड़ा।

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