चंडीगढ़ में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे, ट्रैफिक पुलिस ने चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क में चलाया विशेष जागरुकता अभियान

Edited By Auto Desk, Updated: 23 May, 2022 11:57 AM

traffic police launched special awareness campaign in children traffic park

चंडीगढ़ में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे, ट्रैफिक पुलिस ने चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क में चलाया विशेष जागरुकता अभियान

चंडीगढ़: चंडीगढ़ में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं और इनका एक बड़ा कारण बिना हैलमेट पहन युवकों द्वारा ड्राइविंग करना है। शहर में कई नाबालिग ऐसे हैं जो ड्राइविंग लाइसेंस न होते हुए भी दोस्तों, परिजनों और रिश्तेदारों के टू व्हीलर दौड़ा रहे हैं। ऐसे में सड़क हादसों में बढ़ोतरी हो रही है और लोगों की जानें भी जा रही हैं। एक जानकारी के मुताबिक 9वीं कक्षा से बारहवीं कक्षा तक के बच्चे मोटरसाइकिलें, एक्टिवा जैसे टू व्हीलर चला रहे हैं। इनसे हादसों में तेजी आ रही है। ऐसे में अब चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने बच्चों के परिजनों को जागरुक करना शुरु कर दिया है। ट्रैफिक पुलिस चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क में विशेष जागरुकता अभियान चला रही है।

इसमें लोगों को बताया जा रहा है कि यदि 18 वर्ष से कम उम्र का बच्चे को यदि वाहन चलाने को दिया जाता है तो चार तरह की कार्रवाई का प्रावधान है। इसमें वाहन के मालिक को 3 साल तक की सजा सुनाई जा सकती है। वहीं 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा भी सुनाई जा सकती है। इसके अलावा वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट 1 साल के लिए कैंसिल कर दिया जाएगा। वहीं जो नाबालिग गाड़ी चला रहा है उसका लाइसेंस 18 वर्ष की बजाय 25 साल की उम्र में जाकर बनेगा।

50 सीसी तक का वाहन 16 से ऊपर चला सकते हैं

50 सीसी (क्यूबिक कैपेसिटी) से कम के वाहन को 16 वर्ष तक की उम्र का बच्चा चला सकता है। इससे बड़ी कैपेसिटी के वाहन को चलाने के लिए न्यूनतम उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि यदि नाबालिग वाहन चलाता पकड़ा जाए और उसका चालान होता है तो संबंधित कार्रवाई संभव है। उसका चालान करने के बाद कोर्ट में केस जाता है। यहां अदालत पर निर्भर है।

सड़क हादसों का ब्यौरा

वर्ष 2020 में चंडीगढ़ में 50 ऐसे सड़क हादसे हुए थे, जिनमें 53 लोगों की जान चली गई थी। बीते वर्ष 92 सड़क हादसों में 94 लोगों की मौत हुई थी। आंकड़ों के मुताबिक, ज्यादातर सड़क हादसों में टू व्हीलर चालकों और सवारियों की मौत होती है। सड़कों पर पैदल जा रहे लोगों की मौतें भी वर्ष 2020 के मुकाबले 2021 में दोगुणी हो गई थी। वर्ष 2021 में कुल 92 सड़क हादसों में से 51 ओवर स्पीड, 18 उतावलेपन और लापरवाही भरी ड्राइविंग से और 3 हादसे गलत दिशा में वाहन चलाने के कारण हुए थे। 10 जानलेवा हादसों में आरोपी चालक शराब के नशे में पाए गए थे। शराब के नशे में ट्रैफिक लाइट प्वाइंट्स जंप करने के चलते यह हादसे हुए।

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