Chaturmas 2022: भगवान विष्णु दो रूपों में अलग-अलग स्थान पर करेंगे वास

Edited By Niyati Bhandari,Updated: 06 Jul, 2022 10:17 AM

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आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी हरिशयनी, देवशयनी, पदमा एवं शयन एकादशी के नाम से प्रसिद्ध है। इस बार यह एकादशी 10 जुलाई को है। पद्म पुराण के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु क्षीर सागर

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Chaturmas 2022: आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी हरिशयनी, देवशयनी, पदमा एवं शयन एकादशी के नाम से प्रसिद्ध है। इस बार यह एकादशी 10 जुलाई को है। पद्म पुराण के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु क्षीर सागर में 4 मास के लिए शयन करने के लिए चले जाते हैं। जब सूर्य कर्क राशि में आता है तब भगवान शयन करते हैं तथा जब तुला राशि में आता है तो भगवान जागते हैं। यह चातुर्मास की पहली एकादशी है, इसलिए इसकी महिमा सर्वाधिक है। इस दिन हवन यज्ञ, धार्मिक कार्य एवं दान आदि देकर पुण्य लाभ सहज ही प्राप्त किया जा सकता है।

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10 जुलाई से 4 नवंबर तक भगवान श्री विष्णु लक्ष्मी जी सहित क्षीर सागर में शयन करेंगे। 4 नवंबर को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की देवप्रबोधिनी एकादशी पर उठेंगे।

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पद्म पुराण के अनुसार इन चार महीनों में भगवान विष्णु के दो रूप अलग-अलग स्थान पर वास करते हैं, उनका एक स्वरूप राजा बलि के पास पाताल और दूसरा रूप क्षीर सागर में शेषनाग की शैय्या पर शयन करता है। 

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