Shani Jayanti 2022: 30 साल बाद बनेगा विशेष योग, शनि पीड़ा से मिलेगी मुक्ति

Edited By Niyati Bhandari,Updated: 28 May, 2022 09:11 AM

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30 मई 2022 को शनि देव का महोत्सव और सोमावती अमावस्या का शुभ दिन है। इस दिन सोमवार भी है तो ये भगवान शिव का प्रिय वार है। शनि वर्ष 2022 के राजा हैं यानि की

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Shani Jayanti 2022: 30 मई 2022 को शनि देव का महोत्सव और सोमावती अमावस्या का शुभ दिन है। इस दिन सोमवार भी है तो ये भगवान शिव का प्रिय वार है। शनि वर्ष 2022 के राजा हैं यानि की राजा का जन्मदिन है। 30 साल बाद वे अपनी ही राशि में विराजमान हैं, वे भक्तों पर प्रसन्न होकर करेंगे कृपा। शनि देव भगवान सूर्य नारायण और छाया देवी के पुत्र हैं। भद्रा देवी और यमुना नदी इनकी बहने हैं। यमराज इनके भाई हैं। जहां सूर्य देव जन्म के प्रतीक हैं, वहीं शनि देव मृत्यु के कारक हैं। भद्रा का विचार न किया जाए तो कोई भी शुभ काम उत्तम फल नहीं देता। यमुना में स्नान करके व्यक्ति अपने पापों से मुक्त तो होता ही है साथ ही साथी सोमावती अमावस्या पर स्नान करने से अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है। यमराज हमें इस संसार से अंतिम विदाई देते हैं। कुल मिलाकर ये परिवार पूरी पृथ्वी को चला रहा है।  शनि देव जन्म से ही घोर तपस्या करके भगवान शिव से कर्मफलदाता का आशीर्वाद प्राप्त करके इस संसार को कर्मों का फल दे रहे हैं क्योंकि शनि देव की गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी से 95 प्रतिशत ज्यादा है। जिससे वो हमारे किए हुए कामों को खींच लेते हैं और अपनी दशा, महादशा और साढ़ेसाती में इसका फल देते हैं।

वर्तमान समय में मकर, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। कर्क और वृश्चिक पर ढैय्या चल रही है। कुंभ राशि आय की कारक है। शनि के कुछ खास उपाय करने से होगा धन लाभ।

12 राशियों के लोग ये उपाय कर सकते हैं, केवल जिनकी कुंडली में मंगल छठे भाव में बैठा हो वो ये उपाय न करें- जैसे अपने जन्मदिन पर लगभग हर व्यक्ति केक अवश्य काटता है। उसी प्रकार शनि मंदिर में केक अवश्य लेकर जाएं। जिस पर शनि देव लिखा हो। मिक्स फ्रूट फ्लेवर का केक शनि जी को बहुत भाता है। केक के साथ काले रंग के गुलाब जामुन का भोग लगाकर वहां उपस्थित भक्तों के साथ मिल बांट कर खाएं और वहीं बैठे गरीबों को भी खिलाएं।  

मेष- शनि देव को बादाम, गुड़ और शहद अर्पण करें और वहीं बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। 

वृष- शनि देव को दूध, मक्खन और देसी घी का भोग लगाएं।

मिथुन- शनि देव को खिचड़ी और लस्सी का भोग लगाएं।

कर्क- शनि देव को खीर का भोग लगाएं, सवा किलो काली दाल नदी में प्रवाहित करें।

सिंह- काला कपड़ा, तिल, गुड़ और सरसों का तेल शनि देव को चढ़ाएं।

कन्या- लोहे के पात्र में अपना चेहरा देखकर शनि देव को छाया पात्र अर्पित करें। कुत्ते को रोटी पर सरसों का तेल लगाकर खिलाएं।

तुला- सवा किलो काले चने और 125 ग्राम बादाम की गिरी शनि मंदिर में चढ़ाएं और पंडित जी को सफेद रंग की धोती काले बॉर्डर वाली उपहार में दें।

वृश्चिक- शनि देव को बूंदी के लड्डुओं का भोग लगाएं और श्मशान घाट का पानी पिएं। श्मशान में लगे पीपल पर जल चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक लगाएं।

धनु- धार्मिक स्थान पर जाकर पवित्र नदी में स्नान करें और गरीबों को भोजन करवाएं। अपने पूर्वजों के नाम पर 7 तरह का अनाज शनि मंदिर में चढ़ाएं।

मकर- शनि देव को प्रसन्न करने के लिए उन्हें वस्त्र अर्पित करें। भैरों मंदिर में शराब भी चढ़ा सकते हैं।

कुंभ- आज अपने धन में से जो लेबर क्लास के मजदूर हैं, उन्हें भोजन करवाएं और उन्हें आर्थिक मदद करें। शनि चालीसा पढ़ें।

मीन- आज किसी जरूरतमंद को जूते-चप्पल भेंट करें। अपने पास के किसी भी मंदिर-गुरुद्वारे में जूते-चप्पल पॉलिश करके आएं। शनि देव को मिठाई चढ़ाएं और उनके सामने सरसों के तेल का दीपक लगाएं। 

आशू मल्होत्रा
ashumalhotra629@gmail.com

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