पुरी के जगन्नाथ मंदिर में निर्माण गतिविधि आवश्यक : उच्चतम न्यायालय

Edited By Niyati Bhandari, Updated: 04 Jun, 2022 08:49 AM

shree jagannatha temple

उच्चतम न्यायालय ने पुरी के जगन्नाथ मंदिर में ओडिशा सरकार द्वारा की जा रही निर्माण गतिविधियों को चुनौती देने वाली याचिकाओं को शुक्रवार को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि

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नई दिल्ली (एजैंसी):
उच्चतम न्यायालय ने पुरी के जगन्नाथ मंदिर में ओडिशा सरकार द्वारा की जा रही निर्माण गतिविधियों को चुनौती देने वाली याचिकाओं को शुक्रवार को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि मंदिर में शौचालय और सामान रखने का स्थान (क्लॉक रूम) जैसी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के लिए ये निर्माण कार्य व्यापक जनहित में आवश्यक हैं। 

न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की एक अवकाशकालीन पीठ ने जुर्माना लगाते हुए जनहित याचिकाओं को खारिज कर दिया। पीठ ने स्पष्ट किया कि मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाएं देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे आवश्यक निर्माण कार्य को रोका नहीं जा सकता।

गैर-जरूरी जनहित याचिकाओं को कर देना चाहिए निरस्त 
नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने कुकुरमुत्ते की तरह बढ़ रही जनहित याचिकाओं पर शुक्रवार को चिंता जताते हुए कहा कि गैर-जरूरी जनहित याचिकाएं समस्या बने, उससे पहले ही इन्हें निरस्त कर दिया जाना चाहिए ताकि विकास कार्य बाधित न हो। अवकाशकालीन पीठ ने पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में हो रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।

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