निजी स्कूलों को अंतरिम फीस वृद्धि की अनुमति

Edited By bharti,Updated: 17 Mar, 2019 11:24 AM

private schools are allowed to increase interim fees

दिल्ली उच्च न्यायालय ने राजधानी के निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी का रास्ता साफ कर दिया है। अदालत ने दिल्ली सरका...

नई दिल्ली:  दिल्ली उच्च न्यायालय ने राजधानी के निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी का रास्ता साफ कर दिया है। अदालत ने दिल्ली सरकार द्वारा जारी 13 अप्रैल 2018 के उस सर्कुलर को निरस्त कर दिया है जिसमें सरकारी जमीन पर बने स्कूलों को 15 फीसदी फीस बढ़ोतरी की इजाजत संबंधी 17 अक्तूबर 2017 के सर्कुलर को रद्द किया गया था। स्कूलों ने इस आधार पर फीस वृद्धि की मांग की थी उन्हें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप शिक्षकों के वेतन को बढ़ाने की आवश्यकता है। दिल्ली सरकार के भूमि पर बने 325 स्कूलों को अप्रैल 2018 में फीस बढ़ाने से रोक दिया था। जस्टिस हरिशंकर ने यह फैसला निजी स्कूल संघ की एक्शन कमेटी के फीस बढ़ोत्तरी के फैसले को निरस्त करने के खिलाफ दायर याचिका पर दिया। दिल्ली सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह स्कूलों के खातों के वित्तीय ऑडिट के परिणाम पर निर्भर करेगा। 

उन्होंने कहा कि ऑडिट का आयोजन शिक्षा निदेशालय (डीओई) द्वारा किया जा रहा है और जिन स्कूलों के पास सरप्लस फंड हैं, उन्हें अपनी फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। शिक्षा निदेशालय के निदेशक बिनय भूषन ने इस पर कहा कि उन्हें फैसले की एक प्रति प्राप्त करना बाकी है। उन्होंने कहा कि इसके बाद ही हम दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले के कारण का विश्लेषण कर सकते हैं। हमें इस फैसले को देने के लिए अदालत के मुख्य आधार का पता लगाना बाकी है। एक एनजीओ के अध्यक्ष ने इस फैसले पर कहा कि स्कूलों में शुल्क की वृद्धि का निर्णय डीओआई द्वारा स्कूल के खाते के वित्तीय ऑडिट के परिणाम पर निर्भर करेगा। बता दें सरकारी जमीनों पर बने 410 स्कूलों में तकरीबन 5 लाख छात्र पढ़ते हैं। 

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