Edited By Tanuja,Updated: 21 May, 2026 07:24 PM

कनाडा समेत 10 देशों ने गाजा जा रहे एक्टिविस्ट्स के कथित अपमानजनक वीडियो को लेकर इजरायली राजदूतों को तलब किया है। वीडियो में इजरायल के मंत्री Itamar Ben-Gvir कथित तौर पर हिरासत में लिए गए एक्टिविस्ट्स का मजाक उड़ाते दिखे, जिससे वैश्विक कूटनीतिक...
International Desk: कनाडा सहित 10 देशों ने गाजा जा रहे अंतरराष्ट्रीय एक्टिविस्ट्स के कथित अपमानजनक वीडियो को लेकर इजरायली राजदूतों को तलब किया है। यह विवाद उस वीडियो के बाद शुरू हुआ जिसे इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री Itamar Ben-Gvir ने खुद सोशल मीडिया पर साझा किया था। वीडियो में गाजा सहायता मिशन से जुड़े एक्टिविस्ट्स को हाथ बांधकर घुटनों के बल बैठाया गया दिख रहा था।
किन देशों ने उठाया कदम? जिन देशों ने इजरायल के राजनयिकों को तलब किया उनमें शामिल हैं:
- कनाडा
- इटली
- फ्रांस
- स्पेन
- बेल्जियम
- नीदरलैंड्स
- पुर्तगाल
- ऑस्ट्रेलिया
- न्यूज़ीलैंड
- पोलैंड
कनाडा का कड़ा रुख
कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने कहा कि विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया गया है कि वह इजरायली राजदूत को तलब कर कनाडाई नागरिकों की सुरक्षा को लेकर जवाब मांगे।उन्होंने यह भी कहा कि कनाडा पहले ही बेन गवीर पर कड़े प्रतिबंध लगा चुका है, जिनमें संपत्ति फ्रीज, यात्रा प्रतिबंध जैसे कदम शामिल हैं।
क्या दिखा VIDEO में?
रिपोर्ट्स के मुताबिक वीडियो में गाजा जा रहे एक्टिविस्ट्स को प्लास्टिक के बंधनों से बांधकर घुटनों के बल बैठाया गया था। कुछ लोग मुंह नीचे किए हुए दिखाई दिए। वीडियो में बेन गवीर कथित तौर पर हिरासत में लिए गए लोगों का मजाक उड़ाते नजर आए। इसी के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी आलोचना शुरू हो गई।
क्या था Global Sumud Flotilla?
यह राहत काफिला Turkey के मारमारिस बंदरगाह से रवाना हुआ था। इसमें 44 देशों के 428 एक्टिविस्ट्स शामिल बताए गए।
इस मिशन का उद्देश्य 2007 से लागू गाजा नाकेबंदी को चुनौती देना और मानवीय सहायता पहुंचाना था। लेकिन इजरायली नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में इस फ्लोटिला को रोक लिया।
ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भी नाराज
न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री Winston Peters ने कहा कि बेन गवीर पहले भी शांति प्रक्रिया को कमजोर करने वाले कदम उठा चुके हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री Penny Wong ने कहा कि वीडियो में दिखा व्यवहार बेहद गंभीर चिंता का विषय है। इस घटनाक्रम ने गाजा युद्ध और इजरायल की नीतियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव और बढ़ा दिया है। मानवाधिकार संगठनों और कई देशों का कहना है कि मानवीय सहायता लेकर जा रहे लोगों के साथ ऐसा व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। दूसरी ओर इजरायल का कहना है कि गाजा की समुद्री नाकेबंदी उसकी सुरक्षा नीति का हिस्सा है और इसका उद्देश्य Hamas तक हथियार पहुंचने से रोकना है।