Edited By Tanuja,Updated: 22 Sep, 2026 06:44 PM

चीन के शंघाई में 65 साल की महिला ने AI की मदद से खुद को 29 साल की डॉक्टर बताकर एक ठेकेदार को प्रेमजाल में फंसाया। पांच महीने में उसने 1.7 लाख युआन यानी करीब 22 लाख रुपये ठगे। पुलिस ने पाया कि वह अस्पताल की पूर्व सफाईकर्मी थी और डॉक्टर की मां बनकर भी...
Bejing: चीन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सहारे ऑनलाइन ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शंघाई में 65 साल की एक महिला ने खुद को 29 साल की खूबसूरत डॉक्टर बताकर एक व्यक्ति को प्रेमजाल में फंसाया। पांच महीने तक चले इस ऑनलाइन रिश्ते में उसने करीब 1.7 लाख युआन यानी लगभग 22 लाख रुपये ऐंठ लिए। पुलिस की जांच में सामने आया कि जिस महिला को पीड़ित युवा डॉक्टर समझ रहा था, वह वास्तव में अस्पताल में सफाई और सहायक काम कर चुकी 65 वर्षीय महिला थी। मामला शंघाई का है। रिपोर्ट के मुताबिक, शंघाई निवासी लियू हुई की मुलाकात 2021 में सोशल मीडिया पर यू शिउझेन नाम की महिला से हुई। उसने दावा किया कि वह 1992 में पैदा हुई है और शंघाई के एक बड़े अस्पताल में डॉक्टर है। महिला ने यह भी दावा किया कि अस्पताल के संपत्ति और निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण कामों पर उसका प्रभाव है। लियू खुद संपत्ति और इंजीनियरिंग से जुड़े ठेके लेते थे। उन्हें लगा कि इस महिला के संपर्कों से उन्हें अस्पताल के बड़े काम मिल सकते हैं। इसी उम्मीद के बीच दोनों की ऑनलाइन बातचीत दोस्ती से आगे बढ़कर प्रेम संबंध में बदल गई।
सोशल मीडिया पर 7,000 वीडियो
महिला ने सोशल मीडिया पर अपनी ऐसी पहचान बना रखी थी कि उस पर आसानी से भरोसा किया जा सके। उसके खाते पर करीब 7,000 वीडियो थे और लगभग 10,000 अनुयायी थे। इन वीडियो में वह एक युवा और आकर्षक महिला के रूप में दिखाई देती थी। अपनी कथित नौकरी, रोजमर्रा की जिंदगी और दूसरी गतिविधियों से जुड़े वीडियो के जरिए उसने एक पूरी नकली पहचान तैयार कर रखी थी। पुलिस के मुताबिक, इन वीडियो में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जरिए चेहरे और दृश्यों में बदलाव किए गए थे। हैरानी की बात यह थी कि दोनों एक ही शहर में रहते थे, लेकिन पांच महीने के रिश्ते के बावजूद कभी आमने-सामने नहीं मिले। जब लियू मिलने की कोशिश करते तो महिला कोई न कोई बहाना बना देती। उसने बताया कि उसकी मां इस रिश्ते के खिलाफ है और उसकी मौजूदगी में वह लियू से नहीं मिल सकती। यहां तक कि वीडियो कॉल से भी वह बचती रही और मां की मौजूदगी का बहाना बनाकर बातचीत टाल देती थी।
शादी की शर्त
इसके बाद कहानी में एक और मोड़ आया। कथित मां की ओर से लियू के सामने शादी की शर्त रखी गई। उससे 3 लाख युआन का दहेज और शंघाई में एक घर खरीदने की मांग की गई। लियू ने इसके बावजूद रिश्ता खत्म नहीं किया। अगले पांच महीनों में उसने अलग-अलग वजहों से कुल 1.7 लाख युआन ट्रांसफर कर दिए। इनमें कथित कारोबारी काम करवाने और दूसरे खर्चों के नाम पर दी गई रकम भी शामिल थी। धीरे-धीरे लियू को शक होने लगा। जिस महिला के बारे में उसे बताया गया था कि वह अस्पताल में डॉक्टर है और बड़े निर्माण कार्यों पर प्रभाव रखती है, उसकी ओर से कोई काम नहीं मिला। न तो कथित अस्पताल के ठेके मिले और न ही मुलाकात हो पाई। लियू की बचत भी लगातार कम होती गई। आखिरकार उसे लगा कि वह ठगी का शिकार हो रहा है और उसने पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस ने खोली पोल
जांच के बाद पुलिस को पता चला कि महिला का जन्म 1961 में हुआ था और उसकी उम्र 65 साल है। उसके पास डॉक्टर होने की कोई योग्यता नहीं थी और वह अस्पताल में सफाई तथा सहायक काम कर चुकी थी। पुलिस ने यह भी पाया कि जिस खाते में पैसे भेजे गए थे, वह किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर दर्ज था। जांच आगे बढ़ने पर ऑनलाइन बनाए गए पूरे व्यक्तित्व की असलियत सामने आती चली गई। पुलिस ने महिला के सोशल मीडिया वीडियो की बारीकी से जांच की। इसी दौरान कुछ वीडियो के कोने में बेहद छोटे अक्षरों में यह सूचना दिखाई दी कि सामग्री में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार सामग्री शामिल है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसने इन छोटे अक्षरों पर ध्यान नहीं दिया था और उसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता से वीडियो तैयार करने की तकनीक के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। जांच में सामने आया कि महिला ने चेहरे और दृश्यों को बदलकर खुद को युवा डॉक्टर के रूप में पेश किया था।
महिला ने चली डबल चाल
ठगी को और विश्वसनीय बनाने के लिए महिला ने एक और चाल चली। पुलिस के अनुसार, उसने अलग-अलग खातों और भूमिकाओं के जरिए खुद को कभी कथित युवा डॉक्टर तो कभी उसकी मां के रूप में पेश किया। यानी जिस मां के विरोध का हवाला देकर वह लियू से मिलने से बचती थी, वह किरदार भी उसी महिला ने निभाया। रिपोर्टों के मुताबिक, उसकी असली मां की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस के मुताबिक, लियू से मिली रकम का इस्तेमाल महिला ने अपनी शक्ल-सूरत और जीवनशैली बदलने पर किया। कथित तौर पर पैसे से उसने सौंदर्य उपचार, त्वचा संबंधी उत्पाद और कपड़े खरीदे।रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि महिला का पहले भी धोखाधड़ी का आपराधिक मामला रहा था और 2009 में उसे साढ़े चार साल की जेल की सजा हुई थी। मौजूदा मामले में पुलिस ने उसे संदिग्ध धोखाधड़ी के आरोप में आपराधिक कार्रवाई के तहत लिया है।