पाकिस्तान में हिंसा से जुड़ी मौतों में 83 फीसदी बढ़ोतरी, तीसरी तिमाही में 1,415 लोगों की मौत

Edited By Updated: 03 Oct, 2026 07:23 PM

83 rise in violence related deaths in pakistan 1 415 people killed in the thir

पाकिस्तान में 2026 की तीसरी तिमाही के दौरान हिंसा से जुड़ी मौतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (CRSS) की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि दूसरी तिमाही की तुलना में तीसरी तिमाही में...

इस्लामाबाद : पाकिस्तान में 2026 की तीसरी तिमाही के दौरान हिंसा से जुड़ी मौतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (CRSS) की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि दूसरी तिमाही की तुलना में तीसरी तिमाही में हिंसा से जुड़ी मौतों में 83 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह साल की पहली दो तिमाहियों में दर्ज कमी के रुझान के उलट है।

CRSS की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई से सितंबर के बीच हिंसा की 385 घटनाओं में नागरिकों, सुरक्षा कर्मियों और अपराधियों समेत कम से कम 1,415 लोगों की मौत हुई, जबकि 558 लोग घायल हुए।

बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा सबसे ज्यादा प्रभावित

रिपोर्ट के अनुसार, तीसरी तिमाही में बलूचिस्तान सबसे अधिक प्रभावित प्रांत रहा। यहां हिंसा से 829 लोगों की मौत हुई, जो देश में दर्ज कुल मौतों का करीब 59 प्रतिशत है। इसके बाद खैबर पख्तूनख्वा में 556 मौतें दर्ज की गईं, जो कुल मौतों का 39 प्रतिशत से अधिक है।

इस तरह तीसरी तिमाही में पाकिस्तान में हिंसा से हुई कुल मौतों में करीब 98 प्रतिशत मौतें अकेले बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में दर्ज की गईं।

बलूचिस्तान में हिंसा की सबसे अधिक घटनाएं भी दर्ज हुईं। यहां 186 घटनाएं सामने आईं, जो कुल घटनाओं का 48 प्रतिशत से अधिक हैं। वहीं, खैबर पख्तूनख्वा में 173 घटनाएं दर्ज की गईं, जो कुल मामलों का करीब 45 प्रतिशत है।

बलूचिस्तान में मौतों में 213 फीसदी की बढ़ोतरी

CRSS के मुताबिक, दूसरी से तीसरी तिमाही के बीच हिंसा से होने वाली मौतों में हुई बढ़ोतरी 2021 के बाद सबसे अधिक रही। बलूचिस्तान में दूसरी तिमाही में 265 मौतें दर्ज की गई थीं, जो तीसरी तिमाही में बढ़कर 829 हो गईं। यानी यहां मौतों में करीब 213 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

इसी अवधि में खैबर पख्तूनख्वा में मौतों की संख्या 475 से बढ़कर 556 हो गई, जो 17 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।

सुरक्षा अभियानों में 921 अपराधी मारे गए

रिपोर्ट के अनुसार, तीसरी तिमाही में दर्ज कुल मौतों में 65 प्रतिशत से अधिक मौतें अपराधियों की थीं। करीब 154 सुरक्षा अभियानों के दौरान 921 अपराधी मारे गए। दूसरी तिमाही में सुरक्षा अभियानों में मारे गए अपराधियों की संख्या 453 थी।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!