श्रीलंका में रोके गए एयरोफ्लोट विमान ने मॉस्को के लिए भरी उड़ान, कूटनीतिक विवाद खत्म

Edited By Pardeep,Updated: 06 Jun, 2022 09:48 PM

aeroflot plane intercepted in sri lanka flies to moscow

श्रीलंका की एक अदालत द्वारा कब्जे में लिए गए एयरोफ्लोट विमान के कोलंबो छोड़ने पर लगी रोक को निलंबित किए जाने के बाद उसने यहां से मॉस्को के लिए उड़ान भरी जिसके साथ ही इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव भी खत्म

कोलंबोः श्रीलंका की एक अदालत द्वारा कब्जे में लिए गए एयरोफ्लोट विमान के कोलंबो छोड़ने पर लगी रोक को निलंबित किए जाने के बाद उसने यहां से मॉस्को के लिए उड़ान भरी जिसके साथ ही इस मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव भी खत्म हो गया।

हवाईअड्डे के एक अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया, “उड़ान यहां से शाम छह बजे (स्थानीय समयानुसार) रवाना हुई।” इससे पहले ‘कोलंबो कमर्शियल हाईकोर्ट' ने श्रीलंकाई अटॉर्नी जनरल द्वारा दाखिल एक प्रस्ताव पर विचार किया और पिछले आदेश को निलंबित कर दिया, जिसके कारण एयरोफ्लोट के विमान को देश छोड़ने से रोका गया था। इसके बाद एयरबस ए330-343 विमान रवाना हुआ। 

इससे पहले रूस ने श्रीलंका से कहा था कि वह बिना किसी देरी के विमान को मॉस्को की उड़ान भरने के लिए मंजूरी दे। रूस की संघीय हवाई परिवहन एजेंसी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा था, “नागरिक उड्डयन पर सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में रूस और श्रीलंका के बीच दीर्घकालिक मैत्रीपूर्ण और रचनात्मक संबंधों का उल्लेख करते हुए, फेडरल एयर ट्रांसपोर्ट एजेंसी के प्रमुख अलेक्जेंडर नेराडको ने विमान को रूसी चालक दल के सदस्यों के साथ जल्द से जल्द और बिना किसी देरी के रूसी संघ के लिए उड़ान भरने की अनुमति दिए जाने को कहा था।” 

अदालत ने दो जून को मामले में सुनवाई की तारीख 16 जून तय करते हुए आदेश जारी किया था। एयरबस ए330-343 विमान को कोलंबो के भंडारनाइके अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से 191 यात्रियों और चालक दल के 13 सदस्यों को लेकर दो जून को उड़ान भरनी थी, लेकिन उसे ऐसा नहीं करने दिया गया, क्योंकि विमान पर मालिकाना हक रखने वाली आयरलैंड की सेलेस्टियल एविएशन ने एयरोफ्लोट के खिलाफ लंदन में विमान के पट्टे पर लंबित मध्यस्थता को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। 

सरकार ने यहां हालांकि कहा कि एयरोफ्लोट और सेलेस्टियन एविएशन के बीच विवाद विशुद्ध रूप से वाणिज्यिक प्रकृति का था, जिसे उक्त दोनों पक्षों के बीच निपटाया जाना चाहिए और इसमें देश की कोई भागीदारी नहीं होनी चाहिए। नाराज रूसी सरकार ने हालांकि स्पष्टीकरण के लिए मॉस्को में श्रीलंकाई राजदूत को तलब किया।

विमान पर मालिकाना हक रखने वाले कंपनी ने अदालत में दलील दी कि मार्च में विमान का पट्टा खत्म होने के बाद एयरोफ्लोट को विमान का परिचालन नहीं करने के लिए कहा गया था। बावजदू इसके एयरोफ्लोट ने मॉस्को और कोलंबो के बीच विमानों का परिचालन जारी रखा। रूस ने श्रीलंका के लिए एयरोफ्लोट उड़ानें रद्द कर दी हैं और रूसी पर्यटकों को स्वदेश लौटने का आदेश दिया है। 

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