Edited By Tanuja,Updated: 08 Sep, 2026 11:56 AM

बीबीसी की जांच के मुताबिक, 9/11 हमलों के बाद FBI की जांच के दायरे में आए उमर अल-बायौमी के पुराने वीडियो सामने आए हैं। इनमें वह अलकायदा के भविष्य के नेता अनवर अल-अवलाकी के साथ पेंटबॉल खेलता दिखता है। फुटेज ने सऊदी कनेक्शन और FBI की जांच पर नए सवाल...
Washington: अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमलों की जांच को लेकर वर्षों बाद सामने आए नए वीडियो फुटेज ने एक बार फिर सऊदी अरब और अलकायदा के कथित संबंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीबीसी की जांच के मुताबिक, उमर अल-बायौमी नाम का वह शख्स, जिसकी 9/11 हमले के बाद FBI ने जांच की थी, अलकायदा के भविष्य के प्रमुख आतंकी अनवर अल-अवलाकी के साथ पेंटबॉल खेलता दिखाई देता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये फुटेज FBI को हमलों के कुछ ही दिनों बाद मिल गए थे। अब इनका इस्तेमाल 9/11 पीड़ितों के परिवारों की ओर से सऊदी अरब के खिलाफ चल रहे अरबों डॉलर के मुकदमे में सबूत के तौर पर किया जा रहा है।
अलकायदा आतंकी के साथ पेंटबॉल खेलता दिखा बायौमी
बीबीसी की जांच के अनुसार, 1997 या 1998 की शुरुआत के बताए जा रहे वीडियो में उमर अल-बायौमी, अनवर अल-अवलाकी और कुछ अन्य लोग सैन्य शैली के पेंटबॉल खेल में हिस्सा लेते दिखाई देते हैं। डियो में कुछ लोग सैन्य जैसे कपड़े पहने नजर आते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ प्रतिभागी खेल के दौरान 'अल्लाहु अकबर' के नारे भी लगाते दिखाई देते हैं। एक अन्य फुटेज में जनवरी 1998 में बायौमी को अल-अवलाकी को गले लगाते हुए देखा गया है। रिपोर्ट में एक अन्य वीडियो क्लिप का भी जिक्र है, जिसमें बायौमी को सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी और धार्मिक लोगों के साथ सैन डिएगो के आसपास पेंटबॉल खेलते हुए दिखाया गया है। इससे जांच एजेंसियों के सामने यह सवाल और गंभीर हो जाता है कि बायौमी के धार्मिक और सऊदी सरकारी हलकों से आखिर किस तरह के संबंध थे। हालांकि, केवल इन वीडियो फुटेज के आधार पर यह साबित नहीं होता कि बायौमी या सऊदी अधिकारी 9/11 हमलों की साजिश में शामिल थे।
9/11 के बाद FBI ने की थी बायौमी की जांच
बायौमी 1994 में सऊदी अरब से अमेरिका के सैन डिएगो पहुंचा था। उसने दावा किया था कि वह अंग्रेजी सीखने के लिए अमेरिका आया है। हालांकि, बाद में सामने आए कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक उसने पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और धार्मिक गतिविधियों में शामिल रहने लगा। 9/11 हमलों के बाद FBI ने बायौमी की जांच की, क्योंकि उस पर हमले के 19 हाईजैकर्स में से दो के साथ संबंध और उनकी मदद करने के आरोप लगे थे। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि उसने हाईजैकर्स को अमेरिका में रहने और जरूरी संसाधन हासिल करने में मदद की थी।
अनवर अल-अवलाकी बाद में अलकायदा का एक प्रमुख प्रचारक और नेता बना। अमेरिकी अधिकारियों ने उसे आतंकवादी गतिविधियों से जोड़ते हुए निशाना बनाया था और 2011 में यमन में अमेरिकी ड्रोन हमले में उसकी मौत हुई थी। ऐसे में बायौमी के पुराने वीडियो में उसके साथ दिखाई देने से जांच एजेंसियों की नजर में यह संबंध महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, FBI के उन अधिकारियों को भी इस पेंटबॉल गतिविधि के बारे में जानकारी दी गई थी जो 9/11 के बाद बायौमी की जांच कर रहे थे। कुछ जांचकर्ताओं को यह भी बताया गया था कि इन गतिविधियों का इस्तेमाल कुछ लोगों द्वारा जिहादी प्रशिक्षण के लिए किया जाता था।
सऊदी अरब ने आरोपों से किया इंकार
9/11 हमलों में सऊदी अरब की भूमिका को लेकर वर्षों से सवाल उठते रहे हैं। पीड़ित परिवारों ने सऊदी सरकार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की है। हालांकि, सऊदी अरब ने 9/11 हमलों में किसी भी तरह की मिलीभगत से लगातार इनकार किया है। इसी वजह से नए वीडियो फुटेज महत्वपूर्ण तो हैं, लेकिन इन्हें सऊदी सरकार की सीधी संलिप्तता का निर्णायक प्रमाण मानना अभी जल्दबाजी होगी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर FBI को 2001 में ही ये वीडियो फुटेज मिल गए थे, तो इनके आधार पर बायौमी के संपर्कों और गतिविधियों की कितनी गहराई से जांच की गई? क्या उस समय उपलब्ध जानकारी को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया या जांच के दौरान कोई महत्वपूर्ण कड़ी छूट गई? इन सवालों के जवाब 9/11 हमलों से जुड़े पुराने जांच रिकॉर्ड और अब सामने आ रहे सबूतों के बीच तलाशे जा रहे हैं।