Edited By Anu Malhotra,Updated: 01 Jun, 2026 03:20 PM

अमेरिका की न्यायिक व्यवस्था से एक बेहद हैरान और शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। अटलांटा के एक Federal Court की महिला जज पर आरोप है कि उन्होंने कोर्ट की कार्यवाही के दौरान ही अपने चैंबर (बगल के कमरे) में एक शीर्ष पुलिस अधिकारी के साथ कई बार...
अटलांटा (अमेरिका): अमेरिका की Judicial System से एक बेहद हैरान और शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। अटलांटा के एक Federal Court की महिला जज पर आरोप है कि उन्होंने कोर्ट की कार्यवाही के दौरान ही अपने चैंबर (बगल के कमरे) में एक पुलिस अधिकारी के साथ कई बार यौन संबंध बनाए। इस दौरान कोर्ट रूम के बाहर मौजूद क्लर्कों और स्टाफ ने आपत्तिजनक आवाजें भी सुनीं, जिसके बाद इस पूरे मामले का भंडाफोड़ हुआ।
क्या है पूरा मामला?
11वें ज्यूडिशियल सर्किट की ज्यूडिशियल काउंसिल द्वारा की गई एक high level investigation रिपोर्ट में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस महिला फेडरल जज और एक शादीशुदा हाई रैंकिंग पुलिस अधिकारी के बीच लंबे समय से Extra-Marital Affair चल रहे थे। हद तो तब हो गई जब कोर्ट में मामलों की सुनवाई चल रही होती थी और यह महिला जज लंच ब्रेक के दौरान अपने चैंबर में उस पुलिस अधिकारी को बुला लेती थी। सुरक्षा कैमरों के फुटेज और लॉग बुक से यह साबित हुआ है कि वह अधिकारी अक्सर ड्यूटी की वर्दी में ही जज के कमरे में आता-जाता था।
क्लर्कों ने सुनी आवाजें, जज ने पहले बोला झूठ फिर मांगी माफी
इस अनएथिकल बिहेवियर का खुलासा तब हुआ जब जज के ही एक लॉ क्लर्क ने इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान 6 क्लर्कों ने गवाही दी कि उन्होंने उस अधिकारी को अक्सर चैंबर में आते देखा था, जबकि तीन क्लर्कों ने जज के बंद कमरे से आने वाली आपत्तिजनक आवाजों को सुनने की पुष्टि की।
सिर्फ 'निजी फटकार' की सजा पर उठे सवाल
अमेरिका में फेडरल जजों की नियुक्ति जीवनभर (Life term) के लिए होती है और उन्हें केवल संसद (कांग्रेस) में महाभियोग चलाकर ही पद से हटाया जा सकता है। इस मामले में ज्यूडिशियल समिति ने महिला जज के खिलाफ जो कार्रवाई की है, उसे कानूनी विशेषज्ञ बेहद हल्की मान रहे हैं।
महिला जज पर लगे ये प्रतिबंध और शर्तें:
-कोर्ट ने महिला जज को आदेश दिया है कि वह अपने मातहत काम करने वाले कम से कम 6 क्लर्कों को लिखित में माफीनामा भेजें।
-वह भविष्य में कभी भी फेडरल कोर्ट की चीफ जज (Chief Judge) नहीं बन पाएंगी।
-उन्हें किसी भी महत्वपूर्ण न्यायिक या ज्यूडिशियल कॉन्फ्रेंस समितियों में शामिल होने से हमेशा के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है।
-समिति ने जज का नाम गुप्त रखते हुए उन्हें केवल एक 'निजी फटकार' जारी की है, क्योंकि जज ने अपना रिश्ता खत्म करने और भविष्य में ऐसा न करने का वादा किया है।