नेपाल ने ड्रेगन को दिया झटका, कई चीनी कंपनियों को किया ब्लैकलिस्ट

Edited By Tanuja, Updated: 21 Jun, 2022 02:27 PM

chinese companies blacklisted in nepal

नेपाल ने ड्रेगन को झटका देते हुए कई चीनी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। जानकारी के अनुसार चीन को नेपाल में भारी विरोध का सामना करना...

काठमांडू: नेपाल ने ड्रेगन को झटका देते हुए कई चीनी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। जानकारी के अनुसार चीन को नेपाल में भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि हिमालय में ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में काम कर रहे चीनी ठेकेदारों की लापरवाही के कारण दर्जनों कंपनियों को काली सूची में डाल दिया गया है। खबरहब की रिपोर्ट के अनुसार चीन की महत्वकांशी BRI प्रोजेक्ट का हिस्सा काठमांडू-केरुंग अंतरराज्यीय रेलवे, गलछी-रासुवागढ़ी-केरुंग ट्रांसमिशन लाइन, और सियाफ्रुबेन्सी-रासुवागढ़ी सड़क खंड जैसी परियोजनाएं  चीन  सरकार की लापरवाही के कारण जर्जर हो गई हैं।  

 

इसके अलावा, अप्रैल 2013 में चीनी कंपनी चाचियांग हाइड्रोपावर कंस्ट्रक्शन एंड इंस्टालेशन कंपनी द्वारा शुरू की गई लामजंग के बाहुंडांडा में नगाडी नदी पर 30 मेगावाट की न्यादी जलविद्युत परियोजना का निर्माण कार्य अटका हुआ है । इसी तरह सेंट्रल चाइना पावर ग्रिड इंटरनेशनल इकोनॉमिक ट्रेड, जिसने हेटौडा-भरतपुर-बरदाघाट ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण में अत्यधिक लापरवाही के कारण परियोजना को कहीं का नहीं छोड़ा, वह भी नेपाल विद्युत प्राधिकरण (एनईए) की काली सूची में है।

 

वैश्विक छवि के बिगड़ने के बाद, नेपाल में चीनी राजदूत होउ यान्की ने 21 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया था और इसमें शामिल लापरवाही के लिए सरकार के परिवर्तन को दोषी ठहराया था। उन्होंने कहा कि बड़ी परियोजनाओं के निर्माण में चीनी निवेशकों की विफलता और ठेकेदारों की लापरवाही यहां सरकार बदलने के कारण थी और उन्होंने 21 अप्रैल को बुलाए गए आभासी सम्मेलन में चीनी ठेकेदारों और ब्लैक लिस्टेड कंपनियों का बचाव करते हुए लोकतंत्र को जवाबदेह ठहराया।

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