विवादित द्वीप में घुसपैठ कर रहे चीन और रूस के युद्धपोत, जापान ने जताया कड़ा विरोध

Edited By Tanuja,Updated: 05 Jul, 2022 12:28 PM

chinese warship chases russian frigate near japan

जापान ने विवादित पूर्वी चीन सागर में अपने जलक्षेत्र के बिल्कुल निकट सोमवार को चीन और रूस के युद्धपोत दिखाई देने के बाद कड़ा विरोध प्रकट किया है ....

टोक्योः जापान ने विवादित पूर्वी चीन सागर में अपने जलक्षेत्र के बिल्कुल निकट सोमवार को चीन और रूस के युद्धपोत दिखाई देने के बाद कड़ा विरोध प्रकट किया है। जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सेनकाकू द्वीप के पास जापानी जलक्षेत्र के बिल्कुल निकट ''विवादित क्षेत्र'' में सोमवार सुबह कई मिनट तक चीन के युद्धपोत को देखा गया। सेनकाकू द्वीप पर चीन भी अपना दावा जताता है और इसे दियाओयू कहता है। मंत्रालय ने कहा कि पहले सागर में रूसी युद्धपोत देखा गया, जिसके 40 मिनट बाद चीनी युद्धपोत की मौजूदगी की पुष्टि हुई।

 

हालांकि, तत्काल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इलाके में चीनी-रूसी सैन्य गतिविधि का क्या उद्देश्य था। जापान के रक्षा अधिकारियों ने कहा कि हो सकता है कि तूफान से बचने के लिए पोत वहां आए हों। उप मुख्य कैबिनेट सचिव सेजी किहारा ने कहा कि जापान ने घटना को लेकर चीन के समक्ष ''कड़ी आपत्ति'' दर्ज कराई है। किहारा ने कहा, ''सेनकाकू द्वीप ऐतिहासिक रूप से और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जापान के क्षेत्र का एक अंतर्निहित हिस्सा है।

 

सरकार जापानी भूमि, जलक्षेत्र और वायु क्षेत्र की रक्षा के लिए इस मामले से शांतिपूर्वक लेकिन दृढ़ तरीके से निपटेगी।'' उन्होंने कहा कि जलक्षेत्र का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। वहीं, बीजिंग में चीन ने युद्धपोत के प्रवेश को जायज ठहराते हुए जापान के विरोध की आलोचना की। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि यह द्वीप चीन का क्षेत्र है। उन्होंने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''सागर में चीनी पोतों की गतिविधियां कानूनी और जायज हैं। जापान को ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयान देने का कोई अधिकार नहीं है।''  

Related Story

Trending Topics

West Indies

137/10

26.0

India

225/3

36.0

India win by 119 runs (DLS Method)

RR 5.27
img title img title

Everyday news at your fingertips

Try the premium service

Subscribe Now!