Earthquake in Myanmar : भूकंप के तेज झटकों से हिली धरती, डरे सहमें लोग घरों से निकले बाहर

Edited By Updated: 11 Jul, 2026 12:55 AM

earthquake tremors shook the earth frightened people came out of their homes

म्यांमार में शुक्रवार शाम को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के आंकड़ों के मुताबिक, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 मापी गई है।

इंटरनेशनल डेस्क: म्यांमार में शुक्रवार शाम को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के आंकड़ों के मुताबिक, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 मापी गई है।

शाम 6:59 बजे कांपी धरती
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने बताया कि यह भूकंप भारतीय समयानुसार शुक्रवार शाम को 18:59 बजे आया। भूकंप का केंद्र जमीन से 100 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। फिलहाल इस प्राकृतिक आपदा में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं मिली है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए NCS ने भूकंप के स्थान और समय की पुष्टि की है।

भूगर्भीय रूप से बेहद संवेदनशील है म्यांमार
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से म्यांमार भूकंप के लिहाज से एक अत्यधिक संवेदनशील देश माना जाता है। यह क्षेत्र चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों (भारतीय, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेट्स) के मिलन बिंदु पर स्थित है, जिनकी सक्रिय भूगर्भीय गतिविधियों के कारण यहां मध्यम और बड़े स्तर के भूकंप का खतरा बना रहता है।

सागाइंग फॉल्ट बढ़ाता है खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, म्यांमार से गुजरने वाली 1,400 किलोमीटर लंबी सागाइंग फॉल्ट (Sagaing Fault) देश की लगभग 46 प्रतिशत आबादी के लिए बड़ा खतरा है। इस फॉल्ट लाइन के कारण सागाइंग, मांडले, बागो और यांगून जैसे शहरों में भूकंपीय जोखिम सबसे अधिक है। इतिहास गवाह है कि साल 1903 में बागो में आए 7.0 तीव्रता के भूकंप ने यांगून तक भारी तबाही मचाई थी। म्यांमार अपनी लंबी तटरेखा के कारण न केवल भूकंप, बल्कि सुनामी जैसी आपदाओं के प्रति भी संवेदनशील है।

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