तो इस कारण मुझे सत्ता से हटाया गया...नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री ओली ने बताई यह वजह

Edited By Pardeep,Updated: 02 Aug, 2022 11:09 PM

i was removed from power for publishing the map of nepal by adding kalapani oli

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने दावा किया कि उनकी सरकार ने कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख को जोड़कर नेपाल का नया नक्शा प्रकाशित किया था, जिस कारण उन्हें पिछले साल सत्ता से

काठमांडूः नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने दावा किया कि उनकी सरकार ने कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख को जोड़कर नेपाल का नया नक्शा प्रकाशित किया था, जिस कारण उन्हें पिछले साल सत्ता से हटा दिया गया।

लिपुलेख दर्रा कालापानी के पास सुदूर पश्चिमी बिंदू है और यह भारत तथा नेपाल के बीच विवादित सीमा क्षेत्र भी है। भारत और नेपाल, दोनों ही कालापनी को अपना अभिन्न हिस्सा बताते हैं। भारत इसे उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले और नेपाल इसे धारचुला जिले का हिस्सा बताता है।

नेपाली भाषा में लिखी पुस्तक ‘चक्रव्यूह मा नेपाल को जलस्रोत' के विमोचन के अवसर पर ओली ने कहा, ‘‘इस पर कोई विवाद नहीं हो सकता है कि कालापानी सहित ये सभी क्षेत्र नेपाल का हिस्सा हैं, क्योंकि नेपाल और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच हुई सुगौली की संधि में स्पष्ट लिखा है कि महाकाली नदी के पश्चिम में स्थित सभी क्षेत्र नेपाल के हैं।'' 

मुख्य विपक्षी दल सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष ओली ने दावा किया, ‘‘लेकिन इन क्षेत्रों को नेपाल से हटा दिया गया और मुझे अच्छे से पता था कि इन क्षेत्रों को नेपाल में शामिल करने वाले नक्शे के कारण मुझे जबरन सत्ता से हटा दिया जाएगा।''

ओली ने पूर्व प्रधानमंत्री लोकेंद्र बहादुर चंद और पूर्व जल संसाधन मंत्री पशुपति शमशेर राणा के साथ संयुक्त रूप से इस पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक के लेखक जल संसाधन विभाग के पूर्व सचिव द्वारिका नाथ धुंगेल हैं। 

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