दुनिया में पहली बार मानव की बजाय कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणाली को दिया गया अविष्कार का पेटेंट

Edited By Tanuja, Updated: 08 Aug, 2021 06:15 PM

in a world first s africa grants patent to an artificial intelligence

दक्षिण अफ्रीका में हाल में “फ्रेक्टल ज्यामिति पर आधारित खाद्य कंटेनर” पर एक पेटेंट दिया गया है, जो पहली नजर में बिलकुल साधारण...

इंटरनेशनल डेस्क:  दक्षिण अफ्रीका में हाल में “फ्रेक्टल ज्यामिति पर आधारित खाद्य कंटेनर” पर एक पेटेंट दिया गया है, जो पहली नजर में बिलकुल साधारण प्रतीत होता है। इसमें ‘इंटरलॉक' होने वाले खाद्य कंटेनरों को रोबोट द्वारा आसानी से पकड़ा और व्यवस्थित रूप से रखा जा सकता है। इसका अविष्कारक कोई मानव नहीं, बल्कि ‘डीएबीयूएस' नामक कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणाली है। ‘डिवाइस फॉर ऑटोनोमस बूटस्ट्रैपिंग ऑफ यूनिफाइड सेंटिएन्स' या ‘डीएबीयूएस' स्टीफेन थेलर द्वारा निर्मित एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्रणाली है। थेलर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अग्रणी अनुसंधानकर्ता हैं।

 

इस प्रणाली के जरिये मानव मस्तिष्क की सोचने की प्रक्रिया का अनुकरण किया जाता है और नए अविष्कार किये जाते हैं। ‘DABUS' AI की एक विशेष श्रेणी में आता है जिसे “रचनात्मक मशीन” भी कहा जाता है क्योंकि वे स्वतंत्र रूप से और कठिन कार्य करने में सक्षम हैं। यह दैनिक उपयोग में लाए जाने वाले आईफोन या सीरी के एआई से अलग हैं। ‘DABUS' को अविष्कारक के तौर पर दर्ज कराने वाले पेटेंट के लिए अमेरिका, यूरोप ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका समेत दुनियाभर में प्रयास किया गया था जिसमें से केवल दक्षिण अफ्रीका ने यह पेटेंट प्रदान किया। हालांकि, अदालत से आदेश मिलने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने भी बाद में पेटेंट प्रदान किया। दक्षिण अफ्रीका के निर्णय को बौद्धिक संपदा विशेषज्ञों की ओर से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। कुछ ने इसे गलत करार दिया है।

 

अमेरिका और यूरोप के पेटेंट कार्यालय ने पेटेंट के आवेदनों को औपचारिक जांच के चरण में खारिज कर दिया। इसके लिए उन्होंने तीन कारण बताए, जिसमें से पहला यह था कि उनके पेटेंट के कानून मानव के लिए थे न कि एआई के लिए। पेटेंट के कानून में अंग्रेजी के ‘हिम' (उसका) और ‘हर' (उसकी) शब्द प्रयोग किये जाते हैं जो किसी AI के लिए नहीं किये जा सकते। दूसरे, पेटेंट के उद्देश्य के लिए जो विचार आते हैं वह मानव मस्तिष्क में ही आ सकते हैं। तीसरी बात यह कि पेटेंट जिसे दिया जाता है उसे अधिकार मिलते हैं जो AI नहीं ले सकता।

 

वैश्विक समुदाय को आश्चर्य में डालते हुए दक्षिण अफ्रीका के पेटेंट कार्यालय की ओर से DABUS को अविष्कारक मानते हुए पेटेंट प्रदान किया गया है लेकिन अभी तक इस निर्णय का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। यह पेटेंट, ‘साउथ अफ्रीकन पेटेंट जर्नल' में जुलाई 2021 में प्रकाशित हुआ था और ‘द टाइम्स' जैसे प्रमुख मीडिया संस्थान ने इसकी खबर छापी थी। दक्षिण अफ्रीका में डीएबीयूएस को पेटेंट देने की विशेषज्ञों द्वारा व्यापक स्तर पर आलोचना की जा रही है। उनका कहना है कि यह कानूनी रूप से गलत निर्णय है क्योंकि AI के पास आवश्यक कानूनी अधिकार नहीं हैं जिससे कि उसे अविष्कारक माना जाए। 

Related Story

Trending Topics

Test Innings
England

India

134/5

India are 134 for 5

RR 3.72
img title img title

Everyday news at your fingertips

Try the premium service

Subscribe Now!