Edited By Anu Malhotra,Updated: 01 Jun, 2026 03:17 PM

Middle East से सबसे बड़ी और बेहद डरावनी खबर सामने आ रही है। 1 जून सोमवार सुबह-सुबह ईरान ने कुवैत के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उस पर मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स (Kamikaze Drones) से भीषण हमला कर दिया है। इस अचानक हुए हमले के बाद पूरे कुवैत में युद्ध के...
कुवैत : Middle East से सबसे बड़ी और बेहद डरावनी खबर सामने आ रही है। 1 जून सोमवार सुबह-सुबह ईरान ने कुवैत के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उस पर मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स (Kamikaze Drones) से भीषण हमला कर दिया है। इस अचानक हुए हमले के बाद पूरे कुवैत में युद्ध के सायरन गूंज रहे हैं, जिससे नागरिकों में भारी दहशत फैल गई है और लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों और अंडरग्राउंड बंकरों की तरफ भाग रहे हैं। कुवैत का कहना है कि उसके हवाई रक्षा तंत्र ने ड्रोन और मिसाइलों को रोकने के लिए गोलीबारी शुरू कर दी है।
सोमवार को कुवैत की सेना ने अचानक घोषणा की कि देश का एयर डिफेंस सिस्टम (हवाई सुरक्षा प्रणाली) दुश्मन की मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स के हमलों का सामना कर रहा है। खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बदल रहे सुरक्षा समीकरणों के बीच कुवैती सेना ने नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है।
आसमान में गूंजे धमाके, कुवैत में अलर्ट
कुवैती सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक आधिकारिक पोस्ट जारी कर बताया कि देश की हवाई सुरक्षा प्रणाली (Air Defense System) इस समय दुश्मन के बड़े हवाई हमलों को नाकाम करने में जुटी है। सेना ने नागरिकों से अपील की है कि "यदि आसमान में तेज धमाकों की आवाजें सुनाई देती हैं, तो घबराएं नहीं। ये आवाजें एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा दुश्मन की मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने (इंटरसेप्ट करने) के कारण हो रही हैं।" सेना ने सभी नागरिकों से सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जारी आपातकालीन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है।
تتصدى حالياً الدفاعات الجوية الكويتية لهجمات صاروخية وطائرات مسيرة معادية.
تنوه رئاسة الأركان العامة للجيش أن أصوات الانفجارات إن سمعت فهي نتيجة اعتراض منظومات الدفاع الجوي للهجمات المعادية.
يرجى من الجميع التقيد بتعليمات الأمن والسلامة الصادرة عن الجهات المختصة.… pic.twitter.com/TkNLV2Yj4E
— KUWAIT ARMY - الجيش الكويتي (@KuwaitArmyGHQ) June 1, 2026
वहीं अभी अपडेट आई है कि कुवैत की वायु सेना ने देश को लक्ष्य बनाकर दागी गयी ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों को रोक दिया है। यह घटनाक्रम सप्ताहांत में ईरानी सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के बाद बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है कुवैती सेना के जनरल स्टाफ ने यह जानकारी दी है। जनरल स्टाफ ने सोमवार को एक बयान में कहा, 'फिलहाल, Kuwaiti air defense systems दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोन हमलों को रोक रही हैं। जनरल स्टाफ ने निवासियों से सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह किया। यह घोषणा तब की गयी जब अमेरिका ने कहा कि उसने आत्मरक्षा और क्षेत्रीय शिपिंग मार्गों की सुरक्षा का हवाला देते हुए गोरुक और केशम द्वीप पर स्थित ईरानी रडार और ड्रोन कमांड-एंड-कंट्रोल सुविधाओं पर हमला किया है।
कुवैत में है अमेरिका का एक बड़ा सैन्य अड्डा
गौरतलब है कि कुवैत में अमेरिका का एक बड़ा सैन्य अड्डा स्थित है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गाडर् कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने जवाबी कारर्वाई करते हुए एक अमेरिकी अड्डे को निशाना बनाया है। आरोप है कि इस अड्डे का इस्तेमाल होर्मोज़गान प्रांत में ईरान के सीरिक द्वीप पर हमले करने के लिए किया गया था। आईआरजीसी ने कहा कि उसने पहले से तय किए गए उन ठिकानों पर हमला किया है, जिनका संबंध सीरिक द्वीप पर स्थित एक दूरसंचार टावर पर हुए अमेरिकी हमले से था। IRGC ने दावा किया कि इस कारर्वाई के ज़रिए उसके सभी निर्धारित लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिए गए हैं। इस बल ने चेतावनी दी कि अमेरिका द्वारा की जाने वाली किसी भी और सैन्य कारर्वाई का जवाब 'पूरी तरह से अलग' तरीके से दिया जाएगा।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने तेहरान की कारर्वाई का बचाव करते हुए कहा कि ईरान को उन क्षेत्रीय ठिकानों और संपत्तियों पर जवाबी हमले करने का पूरा अधिकार है, जिनका इस्तेमाल उसके देश पर हमले करने के लिए किया जाता है। बघाई सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में कहा, 'सभी देशों का यह एक स्थापित कानूनी दायित्व है कि वे अपने क्षेत्र या संपत्तियों का इस्तेमाल किसी अन्य देश पर आक्रमण करने के लिए न होने दें।' उन्होंने यूरोपीय संघ पर चुनिंदा नैतिक आक्रोश दिखाने का आरोप लगाते हुए, ईरान की कारर्वाई की आलोचना को ‘पाखंडपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना 'करार दिया। इससे पहले, यूरोपीय संघ ने कुवैत पर हुए कथित ईरानी हमलों की निंदा करते हुए कहा था कि ये हमले कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन हैं और इनसे क्षेत्रीय सुरक्षा तथा स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।"
गौरतलब है कि इससे पहले 28 मई को भी कुवैत पर इसी तरह के मिसाइल और ड्रोन हमले हुए थे। लगातार बिगड़ते हालातों को देखते हुए कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी से फोन पर आपातकालीन बातचीत की है। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा की।