Edited By Tanuja,Updated: 22 Sep, 2026 02:02 PM

ब्रिटेन की 30 वर्षीय लिज ईस्ट ने लंबे काम के घंटों और कॉरपोरेट दबाव से परेशान होकर क्रिमिनल डिफेंस के क्षेत्र की नौकरी छोड़ दी। अब वह डॉग-वॉकिंग व्यवसाय चलाती हैं। उनका दावा है कि रोज 20-30 कुत्तों को घुमाकर वह 38 से 50 हजार रुपये तक कमाती हैं और...
London: अच्छी कमाई और प्रतिष्ठित नौकरी को सफल करियर की पहचान माना जाता है, लेकिन ब्रिटेन की 30 वर्षीय लिज ईस्ट ने इस सोच से अलग रास्ता चुना। लंबे काम के घंटे और कॉरपोरेट जीवन के दबाव से परेशान होकर उन्होंने क्रिमिनल डिफेंस के क्षेत्र में अपना करियर छोड़ दिया। अब वह डॉग-वॉकिंग व्यवसाय चला रही हैं और उनका दावा है कि पहले से ज्यादा कमाई के साथ उन्हें काम के लिए काफी कम समय देना पड़ता है। पीपल पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार, लिज ने क्रिमिनल डिफेंस के क्षेत्र में करीब चार साल पैरालीगल के तौर पर काम किया। उनके काम में प्रशासनिक जिम्मेदारियों के अलावा अदालतों और जेलों के दौरे तथा ग्राहकों से मुलाकात शामिल थी।
लिज के मुताबिक, कई बार उनका काम 12 घंटे से भी ज्यादा लंबा हो जाता था। इसके अलावा लंदन आने-जाने में करीब दो घंटे लगते थे। लगातार इस दिनचर्या ने उन्हें अपने करियर और जीवन को लेकर दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया। लिज के पति पहले से कुत्तों को घुमाने और उनकी देखभाल से जुड़ा व्यवसाय करते थे। लिज ने देखा कि पति अपने काम को लेकर उत्साहित रहते हैं, जबकि वह खुद सप्ताहांत में भी काम के दबाव से परेशान रहती थीं। यहीं से उन्होंने करियर बदलने का फैसला किया। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने एक वैन खरीदी और अपना डॉग-वॉकिंग व्यवसाय शुरू किया। शुरुआत में कारोबार खड़ा करने के लिए उन्होंने स्थानीय पब में भी काम किया। धीरे-धीरे उनका व्यवसाय बढ़ता गया।
लिज के मुताबिक, अब वह आमतौर पर एक दिन में 20 से 30 कुत्तों को घुमाती हैं और इसके लिए करीब चार अलग-अलग यात्राएं करती हैं। उनका दावा है कि वह प्रति कुत्ता करीब 19 डॉलर प्रति घंटे शुल्क लेती हैं। उनके अनुसार, एक दिन में उनकी कमाई करीब 400 से 530 डॉलर, यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 38 हजार से 50 हजार रुपये तक पहुंच जाती है। लिज का यह भी दावा है कि अब उनकी मासिक कमाई पुरानी नौकरी की तुलना में हजारों पाउंड अधिक है, जबकि काम का समय पहले के मुकाबले करीब आधा रह गया है। करियर बदलने के बाद लिज को कई लोगों के सवालों का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने कहा कि कानून के क्षेत्र में इतनी पढ़ाई और मेहनत करने के बाद डॉग-वॉकिंग को करियर बनाना उनकी शिक्षा को बर्बाद करना है।
लिज इससे सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि कानून के क्षेत्र में बिताए वर्षों से उन्होंने जो कौशल सीखे, उनका इस्तेमाल वह आज भी अपने कारोबार और रोजमर्रा की जिंदगी में करती हैं। लिज का कहना है कि कई लोग मानते हैं कि करियर बदलने के बाद उनकी कमाई कम हो गई होगी, जबकि उनके मुताबिक स्थिति इसके उलट है। हालांकि वह दूसरों को सिर्फ ज्यादा कमाई देखकर डॉग-वॉकिंग को करियर बनाने की सलाह नहीं देतीं। उनके मुताबिक, यह काम वही व्यक्ति कर सकता है जिसे बाहर रहना और कुत्तों के साथ समय बिताना पसंद हो। वह कहती हैं कि अब उन्हें सुबह उठकर काम पर जाने में खुशी होती है और फिलहाल पुराने करियर में लौटने का उनका कोई इरादा नहीं है। बता दें कि ब्रिटेन में डॉग-वॉकिंग, डॉग-बोर्डिंग और पेट-सिटिंग जैसी सेवाओं की मांग है। पीडीएसए की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में करीब 1.11 करोड़ पालतू कुत्ते हैं और लगभग 30 प्रतिशत वयस्कों के पास कुत्ता है।