Edited By Parveen Kumar,Updated: 18 May, 2026 09:21 PM

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बड़ी घोषणा की है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजारों में भारी हलचल मच गई है। इस घोषणा के अनुसार यूरोपीय देशों के साथ तेल और गैस के भविष्य के सभी सौदे अब अमेरिकी डॉलर के बजाय रूसी रूबल और चीनी युआन में...
नेशनल डेस्क : रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बड़ी घोषणा की है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजारों में भारी हलचल मच गई है। इस घोषणा के अनुसार यूरोपीय देशों के साथ तेल और गैस के भविष्य के सभी सौदे अब अमेरिकी डॉलर के बजाय रूसी रूबल और चीनी युआन में किए जाएंगे।
रूस के इस फैसले को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अमेरिकी डॉलर के वर्चस्व के लिए एक सीधी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। रूस ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि यूरोप के साथ तेल और गैस के भविष्य के सभी सौदों की कीमत रूसी रूबल और चीनी युआन में तय की जाएगी। इस रणनीतिक बदलाव को 'सिनो-रूसी ऊर्जा मुद्रा धुरी' (Sino-Russian Energy Currency Pivot) के रूप में देखा जा रहा है, जो रूस और चीन के बीच मजबूत होते आर्थिक और रणनीतिक संबंधों का प्रतीक है।
इस घोषणा से यूरोपीय देशों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि रूस से ऊर्जा की आपूर्ति जारी रखने के लिए अब उन्हें अपनी भुगतान प्रणाली में एक बड़ा बदलाव करना होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, रूस ने यह कदम पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों के जवाब में और अपनी मुद्रा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया है।