मां को हुई अपने ही गर्भ में पल रहे बच्चे से जानलेवा एलर्जी, शरीर पर उभरे खौफनाक छाले, डॉक्टरों के उड़े होश

Edited By Updated: 08 Jun, 2026 03:50 PM

uk mother suffers life threatening allergic reaction to her own unborn baby

गर्भावस्था हर महिला के जीवन का सबसे खूबसूरत और सुखद अहसास होता है लेकिन ब्रिटेन (UK) से सामने आई एक सच्ची घटना ने चिकित्सा जगत को हिलाकर रख दिया है। यहां एक मां को किसी बाहरी चीज से नहीं बल्कि अपने ही कोख में पल रहे अजन्मे बच्चे से ऐसी दुर्लभ एलर्जी...

UK Woman Fiona Pregnant Allergy To Own Baby : गर्भावस्था हर महिला के जीवन का सबसे खूबसूरत और सुखद अहसास होता है लेकिन ब्रिटेन (UK) से सामने आई एक सच्ची घटना ने चिकित्सा जगत को हिलाकर रख दिया है। यहां एक मां को किसी बाहरी चीज से नहीं बल्कि अपने ही कोख में पल रहे अजन्मे बच्चे से ऐसी दुर्लभ एलर्जी हुई कि उसका पूरा शरीर छालों और असहनीय दर्द से तड़प उठा। डॉक्टरों ने जब इसकी गहन जांच की तो एक ऐसी रेयर बीमारी का पता चला जो 50 हजार गर्भवती महिलाओं में से किसी एक को होती है।

अचानक शुरू हुआ छालों का टॉर्चर

घटना यूके की रहने वाली 'फियोना' नाम की महिला की है जब वह 31 हफ्ते की गर्भवती थीं।फियोना के पेट पर अचानक तेज और असहनीय खुजली शुरू हुई। उन्होंने इसे सामान्य स्ट्रेच मार्क्स की खुजली समझा लेकिन कुछ ही घंटों में पूरा शरीर लाल चकत्तों (Rashes) से भर गया। देखते ही देखते फियोना के पूरे बदन पर बड़े-बड़े, पानी से भरे दर्दनाक छाले निकल आए और उनकी चमड़ी उधड़ने लगी। दर्द और जलन इतनी भयानक थी कि वह रात-दिन चीखने-चिल्लाने लगीं।

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जानें क्या है यह बीमारी? 

डॉक्टरों ने तुरंत फियोना को अस्पताल में भर्ती किया और जांच में पाया कि वह 'पेम्फिगॉइड जेस्टेशनिस' (Pemphigoid Gestationis) नाम की एक बेहद दुर्लभ ऑटोइम्यून बीमारी (Autoimmune Disease) से पीड़ित हैं।

मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार यह बीमारी तब होती है जब मां का अपना इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) भ्रमित हो जाता है:

प्लेसेंटा को समझा दुश्मन: फियोना का शरीर उनके गर्भ में पल रहे बच्चे के 'प्लेसेंटल प्रोटीन' को बाहरी दुश्मन समझने लगा।

खुद की त्वचा पर हमला: बच्चे की सुरक्षा करने के बजाय, मां के ही एंटीबॉडीज ने उसकी खुद की त्वचा की परतों पर हमला कर दिया, जिससे पूरी बॉडी पर फफोले पड़ गए।

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बेटे के जन्म के बाद भी जारी रहा दर्द, गोद लेने को तरसी मां

फियोना ने एक स्वस्थ बेटे 'बार्नी' को जन्म तो दे दिया लेकिन प्रसव (Delivery) के बाद भी उनकी मुसीबतें कम नहीं हुईं। छालों और गंभीर इन्फेक्शन की वजह से फियोना अपने नवजात बेटे बार्नी को अपनी गोद में उठाने या स्तनपान कराने तक की स्थिति में नहीं थीं। बच्चे को छूते ही उनकी त्वचा में आग लग जाती थी। डॉक्टरों ने फियोना को भारी मात्रा में स्टेरॉयड्स और विशेष स्किन थेरेपी की दवाएं दीं। कई महीनों के कठिन इलाज और पूरे परिवार के संघर्ष के बाद धीरे-धीरे उनकी त्वचा सामान्य हो सकी। आज फियोना पूरी तरह ठीक हैं और अपने बेटे बार्नी के साथ एक खुशहाल जीवन जी रही हैं।

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दोबारा मां न बनने का लिया बेहद कड़ा फैसला

इस खौफनाक अनुभव ने फियोना को जिंदगी भर का डर दे दिया है। डॉक्टरों ने उन्हें चेतावनी दी है कि यदि वह भविष्य में दोबारा गर्भवती होती हैं तो इस बीमारी के वापस लौटने की 50 प्रतिशत संभावना (50% Chance) है। इस खतरे और पुराने दर्द को याद करते हुए फियोना ने फैसला किया है कि वह अब कभी दूसरा बच्चा पैदा नहीं करेंगी।

वहीं चिकित्सकों का कहना है कि यह बीमारी आमतौर पर गर्भावस्था की दूसरी या तीसरी तिमाही में पेट से शुरू होकर पूरे शरीर में फैलती है। हालांकि इसमें बच्चा पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ पैदा होता है लेकिन मां के लिए यह अनुभव किसी नरक से कम नहीं होता।

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