Edited By Tanuja,Updated: 23 May, 2026 11:20 AM

संयुक्त राष्ट्र में परमाणु अप्रसार संधि (NPT) समीक्षा सम्मेलन बिना किसी अंतिम सहमति के समाप्त हो गया। United States और Iran के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ते विवाद को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है। यह लगातार तीसरी बार है जब सम्मेलन किसी साझा...
International Desk: परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने संबंधी संधि की समीक्षा के लिए आयोजित संयुक्त राष्ट्र का चार सप्ताह का सम्मेलन अंतिम दस्तावेज पर कोई सहमति बने बिना शुक्रवार को समाप्त हो गया। विशेषज्ञों ने कहा कि सहमति नहीं बनने की वजह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच विवाद रहा। सम्मेलन की अध्यक्षता करने वाले वियतनाम के संयुक्त राष्ट्र राजदूत डो हुंग विएट ने घोषणा की कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के 191 पक्षकार अंतिम दस्तावेज पर आम सहमति नहीं बना पाए। उन्होंने यह नहीं बताया कि किस देश या किन देशों के कारण सहमति नहीं बन सकी।
यह तीसरी बार है जब एनपीटी की समीक्षा के लिए आयोजित सम्मेलन में सहमति नहीं बन सकी। इस संधि को वैश्विक परमाणु अप्रसार और निरस्त्रीकरण की आधारशिला माना जाता है। अगस्त 2022 में हुई पिछली संधि समीक्षा में रूस के कारण अंतिम दस्तावेज पर सहमति नहीं बन पाई थी। इसका कारण फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण और यूरोप के सबसे बड़े जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर मास्को के कब्जे से जुड़े संदर्भ थे। ईरान युद्ध 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों के साथ शुरू हुआ था।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस युद्ध का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। ईरान ने यूरेनियम को हथियार बनाने के स्तर के करीब तक संवर्धित किया है लेकिन उसका कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल असैन्य उद्देश्यों के लिए है। समीक्षा सम्मेलन की शुरुआत 27 अप्रैल को होने के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच टकराव रहा है। अमेरिका ने ईरान पर संधि के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करने का आरोप लगाया जबकि ईरान ने कहा कि उसके परमाणु प्रतिष्ठानों पर अमेरिका और इजराइल के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं।