चीन का दोहरा चरित्र बेनकाब,  गुप्त शिविरों में कैद कर रखे लाखों उइगर मुस्लिम

Edited By Tanuja,Updated: 12 Aug, 2018 10:48 AM

un panel concerned at reported chinese detention of uighurs

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टो से चीन का दोहरा चरित्र उजागर हो गया है।  इन रिपोर्टो के मुताबिक आतंकवाद के मसले पर अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान का लगातार बचाव करने वाले चीन ने 10 लाख से ज्यादा उइगर मुस्लिमों को कथित तौर पर कट्टरवाद विरोधी गुप्त...

बीजिंगः  संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टो से चीन का दोहरा चरित्र उजागर हो गया है।  इन रिपोर्टो के मुताबिक आतंकवाद के मसले पर अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान का लगातार बचाव करने वाले चीन ने 10 लाख से ज्यादा उइगर मुस्लिमों को कथित तौर पर कट्टरवाद विरोधी गुप्त शिविरों में कैद करके रखा है और 20 लाख अन्य को विचारधारा बदलने का पाठ पढ़ाया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की नस्ली भेदभाव उन्मूलन समिति ने उइगर मुस्लिमों के साथ किए जा रहे इस व्यवहार पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। समिति ने इस संबंध में चीन के हालिया वर्षो के रिकॉर्ड का अध्ययन किया है। मालूम हो कि उइगर मुस्लिम चीन के पश्चिमी शिनजियांग प्रांत में बहुसंख्यक हैं और चीन ने इस प्रांत को स्वायत्त घोषित कर रखा है।


संयुक्त राष्ट्र की इस समिति ने  जिनेवा में चीन पर रिपोर्ट की समीक्षा शुरू की। इस दौरान चीन के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत यू जियानहुआ ने वहां आर्थिक प्रगति और ऊंचे उठते जीवनस्तर का उल्लेख किया। लेकिन समिति की उपाध्यक्ष गे मैक्डोगॉल ने कहा, 'हमें मिली विभिन्न और विश्वसनीय रिपोर्टो से समिति के सदस्य बेहद चिंतित हैं। सामाजिक स्थिरता और धार्मिक कट्टरता से निपटने के नाम पर (चीन ने) उइगर स्वायत्त क्षेत्र को कुछ ऐसा बना दिया है जो गोपनीयता के आवरण में ढका बहुत बड़ा नजरबंदी शिविर जैसा है।'
निगरानी समूहों का भी कहना है कि उइगरों को चौकसी और सुरक्षा अभियानों के बहाने निशाना बनाया गया है।

हजारों उइगर मुस्लिमों को हिरासत में रखा गया है और उन्हें विचारधारा बदलने वाले केंद्रों में भेज दिया गया है। मैक्डोगॉल ने आगे कहा, 'अनुमान है कि 10 लाख से ज्यादा लोगों को तथाकथित कट्टरता विरोधी शिविरों में कैद करके रखा गया है और अन्य 20 लाख को राजनीतिक और सांस्कृतिक विचारधारा बदलने वाले तथाकथित पुनर्शिक्षण शिविरों में जबरन भेजा गया है।' उन्होंने कहा कि सिर्फ अपनी धार्मिक पहचान की वजह से उइगरों के साथ चीन में दुश्मनों की तरह बर्ताव किया जा रहा है। विदेशों से शिनजियांग प्रांत में लौटने वाले सैकड़ों उइगर छात्र गायब हो गए हैं। उनमें से कई हिरासत में हैं और कई हिरासत में मर भी चुके हैं। इस दौरान मैक्डोगॉल ने इन सूचनाओं के स्त्रोत उजागर नहीं किए।
 

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