US-UK की टेक्नोलॉजी चुराने के फिराक में चीन, खुफिया एजेंसियों ने किया आगाह

Edited By Tanuja,Updated: 07 Jul, 2022 10:40 AM

us and uk intelligence call for vigilance on china s industrial spies

अमेरिका और ब्रिटेन की खुफिया एजेंसियों ने बुधवार को चीन सरकार को लेकर फिर से चिंता व्यक्त करते हुए कारोबारी नेताओं को आगाह किया कि बीजिंग...

 लंदन: अमेरिका और ब्रिटेन की खुफिया एजेंसियों ने बुधवार को चीन सरकार को लेकर फिर से चिंता व्यक्त करते हुए कारोबारी नेताओं को आगाह किया कि बीजिंग प्रतिस्पर्धी लाभ के लिए उनकी प्रौद्योगिकी चुराने की फिराक में है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी संघीय जांच ब्यूरो (FBI) के निदेशक क्रिस्टोफर व्रे ने चीन द्वारा आर्थिक जासूसी और हैकिंग की निंदा करते हुए लंबे समय से व्यक्त की जा रही चिंताओं को फिर से दोहराया। साथ ही उन्होंने विदेश में असंतोष को दबाने की चीन की सरकार की कोशिशों की भी आलोचना की।

 

क्रिस्टोफर व्रे का भाषण इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह खुफिया एजेंसी MI5 के लंदन मुख्यालय में हुआ और इसमें एजेंसी के महानिदेशक केन मैक्कलम भी शामिल हुए, जो चीन की जासूसी की गतिविधियों के खिलाफ पश्चिमी एकता को दर्शाता है। ये टिप्पणियां दिखाती हैं कि एफबीआई चीन की सरकार को न केवल कानून प्रवर्तन और खुफिया चुनौती के तौर पर देखती है, बल्कि वह बीजिंग की विदेश नीति के कदमों के निहितार्थों से भी वाकिफ है।

 

व्रे ने कहा, ‘‘हम लगातार देखते हैं कि चीनी सरकार हमारी आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा दीर्घकालीन खतरा है तथा हमारे से, मेरा मतलब हमारे दोनों देशों के साथ ही यूरोप तथा अन्य कहीं भी हमारे सहयोगियों से है।'' मैक्कलम ने कहा कि चीनी सरकार और ‘‘दुनियाभर में उसका गुप्त दबाव हमारे सामने आ रही सबसे प्रमुख चुनौती है।'' इस बीच, वाशिंगटन में चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता लियु पेंग्यु ने पश्चिमी नेताओं के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चीन ‘‘सभी प्रकार के साइबर हमलों का दृढ़ता से विरोध करता है और उनसे निपटता है।'' उन्होंने इन आरोपों को बेबुनियादी बताया। 

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