अमेरिका ने चीन को बताया ‘रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी', दक्षिण चीन सागर पर समझौते से इंकार

Edited By Tanuja,Updated: 28 Jan, 2021 04:06 PM

us said china is  strategic rival  refuses agreement on south china sea

अमेरिका ने चीन को ‘रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी'' बताते हुए दक्षिण चीन सागर जैसे मामलों पर ड्रैगन से किसा भी तरह के समझौते से इंकार कर दिया है ।अमेरिका ...

न्यूयॉर्कः अमेरिका ने चीन को ‘रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी' बताते हुए दक्षिण चीन सागर जैसे मामलों पर ड्रैगन से किसा भी तरह के समझौते से इंकार कर दिया है ।मेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा संयुक्त राष्ट्र की दूत के तौर पर नामित लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने चीन को ‘रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी' और पड़ोसियों के लिए खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद में चीन के दबदबे के खिलाफ आवाज उठाना उनकी शीर्ष प्राथमिकता होगी। अमेरिका और चीन के बीच संबंध लगातार कटु होते जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच कारोबार और कोरोना वायरस के उत्पत्ति स्थल समेत कई मुद्दों पर टकराव है। 

 

इसके अलावा जो बाइडेन  प्रशासन  ने जलवायु परिवर्तन के मौजूदा मुद्दे पर सहमति बनाने के लिए चीन के साथ बौद्धिक संपदा की चोरी और दक्षिण चीन सागर (SCS) जैसे मामलों पर  किसी भी तरह के समझौते से साफ इंकार कर दिया है रेगा। जलवायु परिवर्तन के मामले पर राष्ट्रपति के विशेष दूत के पद के लिए नामित जॉन केरी ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि कुछ बेहद महत्वपूर्ण मुद्दों पर अमेरिका के चीन के साथ गंभीर मतभेद हैं। अमेरिका और चीन के बीच संबंध अभी तक के सबसे खराब स्तर पर हैं।

 

दोनों देश व्यापार, कोरोना वायरस की उत्पत्ति, विवादित दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामक सैन्य कार्रवाई और मानवाधिकार सहित कई मुद्दों पर आमने-सामने हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ विदेश मंत्री और सीनेट के तौर पर सेवाएं देने के बाद मैं, बौद्धिक संपदा की चोरी, बाजार में पहुंच, दक्षिण चीन सागर जैसे मुद्दों पर हर किसी की तरह काफी सतर्क हूं। जलवायु के लिए इनमें से किसी भी मुद्दें पर समझौता नहीं किया जाएगा। ऐसा नहीं होने वाला है।'' केरी ने बताया कि जलवायु अपने आप में ही एक बड़ा मुद्दा है और अमेरिका को यह ध्यान में रखते हुए इससे निपटना होगा कि विश्व में 30 प्रतिशत उत्सर्जन अकेले चीन ही करता है।

 

अमेरिका 15 प्रतिशत उत्सर्जन करता है। यूरोपीय संघ के साथ मिलकर तीनों करीब 55 प्रतिशत उत्सर्जन करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, आगे बढ़ने के लिए इसे अलग-अलग करने का तरीका खोजने की जरूरत है। हम देखेंगे कि इस पर क्या होता है। लेकिन राष्ट्रपति जो बाइडन चीन से जुड़े अन्य मुद्दों से निपटने की जरूरत को लेकर स्पष्ट हैं। किसी भी मुद्दे को आपस में मिलाया नहीं जाएगा।''  

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