Edited By Tanuja,Updated: 01 Jul, 2026 06:24 PM

अफगानिस्तान के सूचना एवं संस्कृति मंत्री शरअहमद हक्कानी ने कहा कि अफगान जनता बमबारी और धमकियों से नहीं डरती। यह बयान पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच आया है। इसी दौरान अफगान रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान में कथित ISIS ठिकानों पर हवाई हमले का दावा...
International Desk: अफगानिस्तान के सूचना एवं संस्कृति मंत्री शरअहमद हक्कानी ने पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच सख्त बयान देते हुए कहा कि अफगान जनता न तो बमबारी से डरती है और न ही बाहरी दबाव के आगे झुकती है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान पहले भी आधुनिक हथियारों और तकनीक से लैस शक्तिशाली विरोधियों का सामना कर चुका है और उन्हें पराजित किया है।
काबुल में पत्रकारों के लिए आयोजित एक सेमिनार में हक्कानी ने कहा, "जिन लोगों ने हमारे बच्चों को उनकी नींद में निर्दयी बमबारी से मारा, उन्हें यह जान लेना चाहिए कि हम बमबारी और कठिनाइयों से नहीं डरते। हमने उनसे भी अधिक आधुनिक हथियारों और तकनीक वाले विरोधियों को हराया है।" उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की जनता तमाम चुनौतियों के बावजूद दृढ़ता से खड़ी है और "न तो डरी है और न ही पराजित हुई है।" हक्कानी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले कुछ महीनों से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच कई बार गोलीबारी हुई है और नागरिकों के हताहत होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
इसी दिन अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में कथित ISIS (दाएश) के ठिकानों पर हवाई हमले किए। मंत्रालय के अनुसार पिशिन जिले के सरानन क्षेत्र में कथित ISIS संयुक्त केंद्र को निशाना बनाया गया। खैबर पख्तूनख्वा के कंबरखेल क्षेत्र और चित्राल के शाह सलीम घाटी में भी कथित दाएश ठिकानों पर हमले किए गए। दावा किया गया कि इन ठिकानों से अफगानिस्तान में हमलों की योजना बनाई जा रही थी। अफगान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इन हमलों में ISIS से जुड़े लोगों को भारी नुकसान पहुंचा और कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ।
हालांकि, इन हवाई हमलों के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और समाचार लिखे जाने तक पाकिस्तान की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। पाकिस्तानी हवाई हमलों में नागरिकों की मौत का आरोप अफगानिस्तान के तालिबान प्रशासन के अनुसार, 28 जून को पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों में 36 नागरिकों, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, की मौत हुई और 163 लोग घायल हुए। साथ ही तीन रिहायशी मकानों के पूरी तरह नष्ट होने का भी दावा किया गया है। पाकिस्तान ने इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की है।