बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए भक्तों का उमड़ा सैलाब, 6,113 तीर्थयात्री पहलगाम व बालटाल रूट से गुफा की ओर बढ़े

Edited By Angrez Singh,Updated: 04 Jul, 2022 04:41 PM

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इस वर्ष निर्विघ्न जारी अमरनाथ यात्रा के चौथे दिन जम्मू में शिव भक्तों में बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए काफी उत्साह दिखाई दिया। देश के कोने-कोने से आए शिव भक्तों ने जम्मू में अगले दिन की यात्रा को लेकर डेरा डाला हुआ है।

नेशनल डेस्क:  इस वर्ष निर्विघ्न जारी अमरनाथ यात्रा के चौथे दिन जम्मू में शिव भक्तों में बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए काफी उत्साह दिखाई दिया। देश के कोने-कोने से आए शिव भक्तों ने जम्मू में अगले दिन की यात्रा को लेकर डेरा डाला हुआ है। करंट पंजीकरण के बाद अगले दिन यात्रा को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन का हर आदमी अपनी ड्यूटी को बखूबी से अंजाम दे रहा है। यात्री निवास जम्मू में बनाए गए आधार शिविर में देशभर से श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी है।  इसी बीच आज शनिवार को 6,113 तीर्थ यात्री बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहलगाम व बालटाल रूट से गुफा की ओर बढ़े। पहलगाम से 3,275 पुरुष, 762 महिलाएं, 18 बच्चे, 110 साधु व 8 साध्वी शामिल हैं। इस दौरान भक्त प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों से काफी खुश नजर आए हैं। अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार को तीर्थ यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 11,000 से अधिक यात्रियों ने पवित्र गुफा मंदिर के अंदर दर्शन किए हैं, जबकि 23,214 अन्य लोग घाटी की ओर बढ़ चुके हैं। इस साल इस गुफा मंदिर की तीर्थयात्रा तीन साल के अंतराल के बाद हुई है। 2019 में यात्रा धारा 370 को निरस्त करने से पहले कम कर दी गई थी, जबकि इसे 2020 और 2021 में कोविड-19 महामारी के कारण निलंबित कर दिया गया था। तीर्थयात्रा का समापन 11 अगस्त को रक्षा बंधन के अवसर पर श्रावण पूर्णिमा को होगा।

जम्मू रेलवे स्टेशन के पास हो रहा है पंजीकरण
गौरतलब है कि यात्री निवास से यात्रियों को अगले दिन बालटाल और पहलगाम के लिए रवाना किया जाता है ताकि वहां से वे दोनों मार्गों से पवित्र गुफा तक पहुंचकर तीर्थ यात्री बाबा बर्फानी के दर्शन कर सके। पंजीकरण करवाने के बाद जम्मू के आधार शिविर यात्री निवास में पहुंचने पर यात्रियों का उत्साह दोगुना हो जाता है। यात्रा को लेकर यात्री पूरी तरह से आश्वस्त हो जाते हैं क्योंकि यात्रा परमिट मिलने के बाद पहला पड़ाव पार करने के बाद उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति मिल जाती है। जम्मू रेलवे स्टेशन के समीप पंजीकरण केंद्र सरस्वती धाम में निर्धारित कोटा के अनुसार श्रद्धालुओं का पंजीकरण किया जा रहा है। यहां पर तैनात अधिकारी स्वयं यात्रियों की सहायता कर रहे हैं। यात्रियों को फार्म भरने अथवा किसी भी किस्म की परेशानियों को दूर करने के लिए पूरा स्टाफ कोआपरेट कर रहा है।

राम मंदिर में साधुओं का लगा तांता
शहर के बीचों बीच स्थित पुरानी मंडी में राम मंदिर में साधुओं का पंजीकरण किया जा रहा है। हर साल की तरह इस साल भी देशभर के साधु, संत और साध्वियां यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं। राम मंदिर में साधुओं की छठा ही निराली है। पंजीकरण करवाने के बाद मंदिर में भजन कीर्तन का सिलसिला शुरू हो जाता है। पुरानी मंडी राम मंदिर व गीता भवन में साधुओं के लिए ठहरने व खाने सहित हर व्यवस्था का प्रबंध किया गया है।

डॉक्टर करेंगे श्रद्धालुओं के टैस्ट
जम्मू कश्मीर के प्रधान सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मनोज द्विवेदी ने डॉक्टरों को निर्देश जारी किए गए हैं कि अमरनाथ यात्रियों के टेस्ट किए जाएं। निर्देश में मनोज द्विवेदी ने सभी आधार शिविरों एवं यात्रा मार्ग पर बने आराम करने के कैंपों में तैनात डॉक्टरों को निर्देश दिए हैं कि विजुअल स्क्रीनिंग के बाद अगर पाया जाता है कि यात्री शारीरिक रूप से यात्रा करने में अक्षम है तो उसका टेस्ट किया जाए। अगर श्रद्धालु मना या विरोध करता है तब भी उसका टेस्ट किया जाए। बता दें कि श्री अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं ने जरूरी हेल्थ सर्टिफिकेट प्राप्त किया हुआ है। कोरोना के मामलों में वृद्धि और कठिन यात्रा को ध्यान में रखते हुए निर्देश जारी किए गए हैं।

बाबा बर्फानी के वर्चुअल दर्शन, पूजन करने के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू
दुनिया भर से इस वर्ष जो वाॢषक बाबा बर्फानी की यात्रा के लिए भक्त नहीं आ सकते उनके लिए श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड द्वारा वर्चुअल पूजा, वर्चुअल हवन, प्रसाद बुकिंग की व्यवस्था की है ताकि भक्तों को पवित्र गुफा की भक्ति और आनंद का व्यक्तिगत अनुभव हो। यह बताया गया कि भक्त अपनी पूजा, हवन और प्रसाद ऑनलाइन बुक कर सकते हैं, और पवित्र गुफा के पुजारी इसे भक्त के नाम पर चढ़ाएंगे, इसके अलावा प्रसाद बाद में भक्तों के दरवाजे पर वितरित किया जाएगा। इस अवसर पर, एस.ए.एस.बी. के सी.ई.ओ., नीतीश्वर कुमार ने कहा है कि ऑनलाइन सेवाओं को श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन पूजा / हवन / प्रसाद लिंक पर क्लिक करके और बोर्ड के मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से बुक किया जा सकता है।

वर्चुअल पूजा की व्यवस्था और शुल्क
वर्चुअल पूजा के लिए 1100 रुपये, प्रसाद बुकिंग के लिए 1100 रुपये (5 ग्राम के श्री अमरनाथजी के चांदी के सिक्के के साथ) और 10 ग्राम सिक्के के साथ प्रसाद के लिए 2100 रूपए और विशेष हवन के लिए भक्तों को 5100 रुपए का भुगतान करना होगा। वर्चुअल पूजा या हवन पुजारी द्वारा गुफा मंदिर में मंत्रों और श्लोकों के जाप के साथ भक्त के नाम और गोत्र का उच्चारण करके किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपलब्ध प्रौद्योगिकी और डिजिटलीकरण के उपयोग को अधिकतम करते हुए, भक्तों को जियो मीट एप्लिकेशन के माध्यम से एक वर्चुअल ऑनलाइन रूम में जाने दिया जाएगा, जिसमें वे भगवान शिव की विशेष आभासी पूजा और दर्शन कर सकते हैं। एस.ए.एस.बी. के सी.ई.ओ. ने कहा कि हमने 48 घंटे के भीतर प्रसाद भेजने के लिए डाक विभाग के साथ व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि एक बार बुकिंग हो जाने के बाद श्राइन बोर्ड भक्त के पंजीकृत मोबाइल नंबर/ई-मेल आई.डी. पर लिंक और तारीख/समय साझा करेगा। पोर्टल को श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड द्वारा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, जम्मू-कश्मीर की मदद से विकसित किया गया है।

हृदयाघात से श्रद्धालु की मौत
श्री अमरनाथ की वार्षिक यात्रा पर आए एक श्रद्धालु की बालटाल आधार शिविर में हार्ट अटैक से मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार 54 वर्षीय बविंदल तयाल पुत्र राम गोपाल तयाल निवासी बरेली, उत्तर प्रदेश बालटाल में मूर्छित हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल में ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि हार्ट अटैक से श्रद्धालु की मौत हुई है। बता दें कि श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने पहले ही हिदायतें जारी की हुई हैं कि कठिन यात्रा में क्या करें और क्या न करें। हालांकि यात्रा के लिए उन्हीं श्रद्धालुओं को मंजूरी प्रदान की जाती है कि जरूरी हेल्थ सर्टिफिकेट प्रदान करते हैं और उसी आधार पर पंजीकरण किया जाता है।

नैशनल हाईवे पर समय की पाबंदियां
अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने यात्रियों के लिए जम्मू श्रीनगर नेशनल हाईवे पर यात्रा को लेकर समय की पाबंदियां लगा दी हैं। बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए आने वाले यात्रियों को अब 3.30 बजे के बाद बनिहाल- काजीकुंड टनल को पार करने नही दिया जायेगा। पुलिस प्रशासन द्वारा ये फैसला अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के पास मौजूद इनपुट के आधार पर लिया गया है। जिसे हाईवे पर सख्ती से पालन भी शुरू हो गया है। रामबन की एस एस पी मोहिता शर्मा द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक अगर कोई यात्री रजिस्ट्रेशन पर्ची या फिर आरएफआईडी कार्ड के साथ 1.30 बजे के बाद रामबन के चंद्रकोट को क्रॉस करने की कोशिश करता है तो उसे चंदरकोट में ही रोक लिया जायेगा। चंद्रकोट के यात्री निवास में रहने की उन्हें जगह दी जाएगी जहां सरकार द्वारा उनके रहने और खाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए है। वही जम्मू में ये समय 11.30 बजे का रखा गया है। जिसके बाद सारी गाड़ियों को जम्मू यात्री निवास के लिए वापिस भेजा जा रहा है। सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद अमरनाथ के लिए हाईवे के जरिए निकले यात्रियों को काफी परेशानी झलने को मिल रही है। यात्रियों के मुताबिक उन्हें इस तरह की पहले कोई जानकारी मुहैया नहीं करवाई गई थी। रजिस्ट्रेशन के बावजूद भी उन्हे आगे जाने नही दिया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए यात्री इस बात से ज्यादा नाराजगी भी जाहिर नहीं कर रहे हैं। ये पाबंदियां स्थानीय यात्रियों के लिए नहीं रखी गई है।

सुरक्षा में जुटी है भारतीय सेना की चिनार कोर
श्री अमरनाथ यात्रा 30 जून से शुरू हुई है। इसकी सुरक्षा और सुचारू संचालन के मामले में भारतीय सेना की चिनार कोर प्रशासन की सहायता कर रही है। प्रशासन ने नष्ट हुए पुलों की बहाली के लिए चिनार कोर की मांग की थी। जिसकी त्वरित प्रतिक्रिया में, चिनार कोर के किलो फोर्स ने पूरे प्रयास का समन्वय किया और हेलीकॉप्टर, खच्चरों, पोर्टर्स और मैन्युअल रूप से इंजीनियर रेजिमेंट द्वारा ब्रिजिंग स्टोर्स को शामिल करने सहित संसाधनों को जुटाया और हालत दुरुस्त कर दिए हैं। चूंकि अब यह दो साल के अंतराल के बाद उच्च खतरे के बीच शुरू हुई है, इसलिए सुरक्षित और सुरक्षित तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने के लिए विस्फोटकों का पता लगाने के साथ-साथ अन्य कार्यों के लिए सुरक्षा बलों के साथ-साथ 200 उच्च शक्ति वाले बुलेटप्रूफ वाहनों को संवेदनशील स्थानों पर रखा गया है। तीर्थ की ओर जाने वाले मार्गों पर 130 से अधिक खोजी कुत्तों को भी रखा गया है।

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