जम्मू-कश्मीर और पंजाब समेत 8 राज्यों के हिंदुओं को अल्पसंख्यक घोषित करने की मांग

Edited By Punjab Kesari,Updated: 01 Nov, 2017 11:06 PM

demand for minority status of hindu in 8 state of india

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा गया है कि राज्यों में लक्षद्वीप, जम्मू-कश्मीर, मिजोरम, नागालैंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और पंजाब हिंदू अल्पसंख्यक हैं। ऐसे में इन राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यकों वाले अधिकार मिलने चाहिए

नई दिल्लीः देश के आठ राज्यों के हिंदुओं को अल्पसंख्यक का दर्जा देने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता और बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय का कहना था कि इन आठ राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हैं। ऐसे में इन राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यकों वाले अधिकार मिलने चाहिए। इन राज्यों में लक्षद्वीप, जम्मू-कश्मीर, मिजोरम, नागालैंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और पंजाब शामिल हैं। 

याचिकाकर्ता उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि 23 अक्टूबर 1993 में नोटिफिकेशन जारी कर मुस्लिम समेत अन्य समुदाय के लोगों को अल्पसंख्यकों का दर्जा दिया था। उपाध्याय ने कहा कि 2011 के जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक, देश के 8 राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हैं लेकिन उन्हें इन राज्यों में यह दर्जा अभी तक नहीं दिया गया है। 

बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने मांग की है कि इन राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यकों का दर्जा दिया जाए और उन्हें अल्पसंख्यकों को मिलने वाले अधिकार भी मिलें। इसके अलावा 1993 में जारी केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन को भी पूरी तरह असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है।

साथ ही सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि वह केंद्र सरकार को आदेश दें कि इन राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यक घोषित करे। याचिका में कहा गया है कि किसी भी समुदाय के अल्पसंख्यकों का दर्जा सिर्फ उनकी जनसंख्या के आधार पर ही मिलना चाहिए। 

याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कानून मंत्रालय को प्रतिवादी बनाया है। इसके अलावा याचिका में 19 अगस्त की एक रिपोर्ट 'हिंदू ह्यूमन राइट्स रिपोर्ट' का हवाला दिया गया है।

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