इंद्राणी मुखर्जी जेल से बाहर आईं, कहा- दर्द देने वालों को माफ कर दिया

Edited By PTI News Agency,Updated: 20 May, 2022 09:38 PM

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मुंबई, 20 मई (भाषा) अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में गिरफ्तारी के छह साल नौ महीने बाद पूर्व मीडिया कार्यकारी अधिकारी इंद्राणी मुखर्जी शुक्रवार की शाम यहां भायखाला महिला जेल से बाहर निकलीं।

मुंबई, 20 मई (भाषा) अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में गिरफ्तारी के छह साल नौ महीने बाद पूर्व मीडिया कार्यकारी अधिकारी इंद्राणी मुखर्जी शुक्रवार की शाम यहां भायखाला महिला जेल से बाहर निकलीं।

मुस्कुराते हुए इंद्राणी (50) ने वहां मौजूद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं खुश हूं।’’
इंद्राणी शाम करीब साढ़े पांच बजे जेल से बाहर निकलीं जिनके गहरे काले रंग में रंगे बालों ने सभी का ध्यान आकृष्ट किया। अदालत में पेशी के दौरान इंद्राणी के बाल भूरे हुआ करते थे, लेकिन अब वह बात नहीं है। अब बाल काले रंग से रंगे थे और होठों पर हल्की मुस्कान भी थी।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैंने जेल में बहुत कुछ सीखा है। मैं घर जा रही हूं। मेरे पास (भविष्य की) कोई योजना नहीं है। मैं केवल घर जाना चाहती हूं।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपनी जेल के लिए किसी को दोषी मानती हैं, उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उन सभी लोगों को माफ कर दिया है, जिन्होंने मुझे दर्द दिया। बस इतना ही।’’
इंद्राणी साढ़े पांच बजे जेल से बाहर आईं। उन्होंने अपनी वकील सना रईस शेख को गले लगाया, मुस्कुराईं और वहां इंतजार कर रहे मीडियाकर्मियों की ओर हाथ हिलाया।

उसके बाद वह वकील की कार में बैठीं और वर्ली स्थित अपने फ्लैट चली गईं। उन्होंने वहां अपने घर के बाहर जमा मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘न्यायपालिका में मेरा भरोसा कायम हुआ है। सभी को देश के कानून का सम्मान करना चाहिए। भले ही देर हो, लेकिन न्याय जरूर मिलता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं। अब कोई भावनाएं नहीं हैं। मैं अब बहुत आजाद महसूस कर रही हूं।’’ उन्होंने कहा कि वह एक पुस्तक लिख रही हैं, जो उनकी जेल के अनुभवों से जुड़ी नहीं होगी।

इंद्राणी ने कहा, ‘‘मैंने जीवन को कई नजरिये से देखा है।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या वह आज भी मानती हैं कि शीना बोरा जिंदा हैं, इंद्राणी ने कहा, ‘‘मैं इस बारे में अभी बात नहीं करूंगी। मुझे जो भी कहना है मैं अदालत में बोलूंगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं शाम को घर पहुंची तो इसे सजाया गया था।’’
उच्चतम न्यायालय ने इंद्राणी मुखर्जी को इस मामले में बुधवार को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था।

जांचकर्ताओं की मानें तो शीना बोरा (24) की हत्या अप्रैल 2012 में की गई थी, लेकिन इस अपराध का खुलासा तीन साल बाद 21 अगस्त, 2015 को इंद्राणी के पूर्व ड्राइवर श्यामवर राय की गिरफ्तारी से हुआ था। राय को अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

पूछताछ के दौरान राय ने पुलिस को बताया कि वह अप्रैल 2012 में हुई एक हत्या के बारे में जानता है।

राय ने दावा किया कि मीडिया कारोबारी पीटर मुखर्जी की पत्नी इंद्राणी ने अपने पूर्व पति संजीव खन्ना की मदद से कार में अपनी बेटी शीना का गला घोंट दिया था।

राय की गिरफ्तारी के चार दिन बाद पुलिस ने इंद्राणी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने उनके पूर्व पति खन्ना को भी गिरफ्तार कर लिया था। इंद्राणी ने कहा था कि उन्हें मामले में झूठा फंसाया जा रहा है।

मुंबई पुलिस ने दावा किया था कि इंद्राणी के पहले रिश्ते से जन्मी बेटी शीना बोरा को उसने और खन्ना ने एक कार में मार दिया था, जिसे ड्राइवर श्यामवर राय चला रहा था और शव को अगले दिन रायगढ़ जिले के एक जंगल में दफना दिया गया था।

निचली अदालत ने बृहस्पतिवार को इंद्राणी को दो लाख रुपये का अस्थायी नकद बॉण्ड भरने को कहा था।



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