Edited By Tanuja,Updated: 30 Sep, 2026 04:59 PM

वियतनाम के डा लाट शहर में 25 सितंबर को सड़क हादसे में झारखंड के दो योग शिक्षकों राजा कुमार वर्मा और विनय यादव की मौत हो गई। दोनों करीब दो साल पहले रोजगार के लिए वियतनाम गए थे। परिवार शव भारत लाने में मदद मांग रहे हैं। सरकार ने सहायता का भरोसा दिया...
Hanoi: झारखंड से वियतनाम योग सिखाने गए दो युवकों की सड़क हादसे में मौत हो गई। रांची के राजा कुमार वर्मा (26) और जमशेदपुर के विनय यादव (23) 25 सितंबर को वियतनाम के डा लाट शहर में बाइक दुर्घटना का शिकार हो गए। दोनों योग की कक्षाएं खत्म करके लौट रहे थे। इसी दौरान गीली सड़क पर उनकी बाइक फिसल गई और सामने से आ रही कार से टक्कर हो गई। हादसा इतना गंभीर था कि राजा कुमार वर्मा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल विनय यादव ने अस्पताल में उपचार के दौरान दो दिन बाद दम तोड़ दिया।
राजा कुमार वर्मा रांची के रहने वाले थे और करीब दो साल से वियतनाम में रहकर योग सिखा रहे थे। उनके पिता बिजली मिस्त्री हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है। राजा विदेश में काम करके अपने परिवार की आर्थिक मदद कर रहे थे। विनय यादव जमशेदपुर के रहने वाले थे। वह भी करीब दो साल पहले रोजगार के लिए वियतनाम गए थे। वहां योग प्रशिक्षक के तौर पर काम करते हुए वह अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में हाथ बंटा रहे थे। दोनों युवकों के परिवारों के लिए यह हादसा दोहरी मार लेकर आया है। एक ओर उन्होंने अपने बेटों को खो दिया, वहीं अब उनके शव भारत लाने के लिए भी आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राजा कुमार के परिवार के मुताबिक, उनका शव वियतनाम से रांची लाने में करीब 20 लाख रुपए का खर्च आने का अनुमान है। परिवार ने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति इतनी बड़ी रकम जुटाने की नहीं है। राजा की मां रूपा वर्मा, भाई शुभम वर्मा और परिवार के अन्य सदस्यों ने राज्यसभा सांसद महुआ माजी से मुलाकात कर मदद की गुहार लगाई। परिवार के मुताबिक, महुआ माजी ने रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री से फोन पर बात की। उपायुक्त ने शव को रांची लाने के लिए प्रयास किए जाने का भरोसा दिया। विनय यादव के परिवार को भी इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके चचेरे भाई अभिजीत फिलहाल वियतनाम में हैं और शव भारत लाने के लिए जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। इसमें अस्पताल से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना और अन्य औपचारिकताएं पूरी करना शामिल है।झारखंड के श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि दोनों युवकों के शव जल्द झारखंड लाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और नियमों के अनुसार उन्हें सहायता और मुआवजा दिया जाएगा।