Edited By Tanuja,Updated: 30 Sep, 2026 03:19 PM

भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस ने लक्षद्वीप के पश्चिम अरब सागर में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 526 किलोग्राम हेरोइन और मेथामफेटामाइन जब्त की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 3,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। संदिग्ध ईरानी नाव से पांच...
New Delhi : अरब सागर में भारत को नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात आतंकवाद रोधी दस्ते ने संयुक्त अभियान चलाकर लक्षद्वीप के पश्चिम में समुद्री रास्ते पर करीब 526 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन और मेथामफेटामाइन बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन नशीले पदार्थों की कीमत हजारों करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। कार्रवाई के दौरान नाव पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया।
भारतीय तटरक्षक बल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को समुद्र के रास्ते नशीले पदार्थों की तस्करी की पुख्ता जानकारी मिली थी। इसके बाद तटरक्षक बल ने समुद्र और हवा से संदिग्ध नाव पर निगरानी शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक, निगरानी के दौरान तटरक्षक बल ने एक संदिग्ध ईरानी नाव को लगातार पीछा किया। 25 सितंबर 2026 को नाव को रोककर उस पर सवार सुरक्षा दल ने चढ़ाई की और तलाशी ली। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए। जांच में नाव से करीब 526 किलोग्राम हेरोइन और मेथामफेटामाइन मिली। अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की बरामदगी को समुद्री रास्ते से होने वाली अंतरराष्ट्रीय तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। तस्करी की इस कोशिश में शामिल होने के आरोप में नाव पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। तटरक्षक बल ने नाव, उसके चालक दल और जब्त किए गए नशीले पदार्थों को कड़ी सुरक्षा के बीच मुंबई पहुंचाया है।तटरक्षक बल के मुताबिक, इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों के गिरोह के वित्तीय नेटवर्क को नुकसान पहुंचाने और सिंथेटिक ड्रग्स को भारतीय मुख्य भूमि तक पहुंचने से रोकने में मदद मिलेगी।