आरुषि हत्याकांड: हेमराज की पत्नी ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

Edited By Punjab Kesari,Updated: 02 Feb, 2018 09:55 PM

aarushi murder case hemrajs wife challenged high court verdict in supreme court

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) नोएडा के बहुचर्चित आरुषि-हेमराज दोहरा हत्याकांड में डॉ. राजेश एवं नूपुर तलवार को बरी किए जाने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील दायर नहीं कर सकी है, जबकि इसकी निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है। इस बीच...

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) नोएडा के बहुचर्चित आरुषि-हेमराज दोहरा हत्याकांड में डॉ. राजेश एवं नूपुर तलवार को बरी किए जाने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील दायर नहीं कर सकी है, जबकि इसकी निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है। इस बीच हेमराज की पत्नी ने उच्च न्यायालय के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है। 

तलवार दंपती को बरी किए जाने के फैसले को 114 दिन बीत गए हैं, लेकिन जांच एजेंसी ने अब तक उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ अभी तक कोई याचिका दाखिल नहीं की है। सीबीआई के पास अपील करने के लिए 90 दिन की मोहलत थी, लेकिन यह अवधि बीत चुकी है। गौरतलब है कि जांच एजेंसी की दलील उच्च न्यायालय में नहीं टिक पाई थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गत 12 अक्टूबर को तलवार दंपती को बरी कर दिया था। इस बीच मृतक हेमराज की पत्नी खुमकला बंजाड़े ने उच्च न्यायालय के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है। 

खुमकला ने अपनी अपील में कहा है कि इस मामले में उच्च न्यायालय ने त्रुटिपूर्ण फैसला दिया है। उच्च न्यायालय ने इस मामले में हत्या की बात तो मानी है, लेकिन किसी को दोषी ठहराया नहीं गया है, लिहाजा जांच एजेंसी का यह कर्तव्य है कि वह हत्यारों का पता लगाये। सीबीआई की गाजियाबाद स्थित अदालत ने 26 नवंबर, 2013 को तलवार दंपती को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस फैसले को पलट दिया था।  
 

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