दिल्ली वायु प्रदूषण: कृत्रिम बारिश की राह में मौसम बना रोड़ा

Edited By shukdev,Updated: 27 Nov, 2018 07:18 PM

artificial rain in delhi due to lack of weather is not possible

दिल्ली में वायु प्रदूषण की लगातार बिगड़ती स्थिति से निपटने के लिए कृत्रिम बारिश की राह में मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां बाधक बन रही हैं। कृत्रिम बारिश कराने की योजना से जुड़े आईआईटी कानपुर के एक प्रोफेसर ने मंगलवार को बताया कि मौसम संबंधी...

नई दिल्ली: दिल्ली में वायु प्रदूषण की लगातार बिगड़ती स्थिति से निपटने के लिए कृत्रिम बारिश की राह में मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां बाधक बन रही हैं। कृत्रिम बारिश कराने की योजना से जुड़े आईआईटी कानपुर के एक प्रोफेसर ने मंगलवार को बताया कि मौसम संबंधी परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने के कारण निकट भविष्य में दिल्ली में कृत्रिम बारिश कराना मुमकिन नहीं हो पाएगा। इसके अलावा कृत्रिम बारिश कराने के लिए वायुयान के इस्तेमाल की भी मंजूरी अभी तक नहीं मिल सकी है।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में सोमवार से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक पर वायु प्रदूषण ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए पर्यावरण मंत्रालय केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के माध्यम से कृत्रिम बारिश कराने की संभावनाओं को लगातार तलाश रहा है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कृत्रिम बारिश के लिए मौसम संबंधी परिस्थितियां फिलहाल अनुकूल नहीं है, जिसकी वजह से इस योजना को साकार करना फिलहाल संभव नहीं है।

योजना से जुड़े आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने हालांकि इस बाबत सभी तैयारियां कर ली है, सिर्फ मौसम की अनुकूल परिस्थितियों के तहत दिल्ली के आसमान में छाए बादलों में पानी की पर्याप्त मात्रा की उपलब्धता और कृत्रिम बारिश के लिये वायुयान के इस्तेमाल की नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की ओर से मंजूरी मिलने का इंतजार है। आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ने बताया कि कृत्रिम बारिश की प्रक्रिया में सिल्वर आयोडाइड, शुष्क बर्फ और नमक कणों का इस्तेमाल किया जाता है जिससे बादलों को सघनता प्रदान कर बारिश की संभावना को प्रबल किया जा सके। 

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