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राजस्थान चुनाव: कांग्रेस ने शुरू की दोस्तों की तलाश

राजस्थान चुनाव: कांग्रेस ने शुरू की दोस्तों की तलाश

जयपुर: राजस्थान विधानसभा चुनाव को फतह करने और अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत तय करने के लिए के लिए भाजपा, कांग्रेस व बसपा समेत सभी दल एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। प्रदेश में विधानसभा की 200 सीटों पर कहीं त्रिकोणीय, तो कहीं बहुकोणीय टक्कर देखी जा रही है। ऐसे में बहुमत के गड़बड़ाते समीकरणों को देख अभी से दोस्तों की तलाश शुरू हो गई है। इस चुनावी समर का रण बनी है राजधानी जयपुर। दिल्ली में बैठने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने जयपुर में डेरा डाल दिया है और संभावित जिताऊ निर्दलीय प्रत्याशियों से अभी से संपर्क साधने की रणनीति बनाने में जुट गए हैं ताकि चुनाव परिणाम आने के साथ ही जरूरत पडऩे पर उन्हें अपने पाले में लाया जा सके।

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राजनीति पर लंबी चर्चा
सूत्रों के अनुसार राजस्थान में इस बार फिर से नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। कांग्रेस के नेताओं ने अभी से ही जोड़-तोड़ के लिए हाथ पैर मारने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस के राजनीतिक मैनेजर माने जाने वाले नेता जयपुर में डेरा डाल चुके हैं। इसी के तहत शुक्रवार रात को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, मकुल वासनिक व राजीव शुक्ला राजस्थान की राजनीति में जोड़-जोड़ के माहिर चंद्रराज सिंघवी के जयपुर स्थित निवास पर पहुंचे। वहां उनसे लंबी चर्चा करने के साथ ही सत्ता के गुणा-भाग पर विमर्श किया।

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कांग्रेस में घर वापसी
यहां यह उल्लेखनीय है कि लंबे अरसे से चंद्रराज के कांग्रेस में जाने की अटकलें चल रही थी। सिघंवी की कांग्रेस नेता अहमद पटेल से बातचीत भी जारी थी। हालांकि अभी तक इस मुद्दे पर खुलकर कोई बात सामने नहीं आई थी, लेकिन पर्दे के पीछे पक रही खिचड़ी की खुशबू आने लगी है। जयपुर प्रवास के दौरान अहमद पटेल, राजीव शुक्ला और मुकुल वासनिक ने राजस्थान में नए राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा किया है। इन नेताओं के बीच राजस्थान की राजनीति को लेकर लंबी बातचीत हुई है। सूत्रों के अनुसार जल्द ही सिंघवी और कांग्रेस आलाकमान के बीच मुलाकात की संभावना है, जिसके बाद सिंघवी की कांग्रेस में घर वापसी हो सकती है।

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गोवा से सबक लेने की तैयारी
कांग्रेस ने इस बार राजस्थान में सरकार बनाने को लेकर गोवा की घटना से सबक लिया है। गोवा में परिणाम के बाद कांग्रेस के सबसे बड़े दल के रूप में आने के बावजूद ढीली रणनीति के कारण हाथ में आई सत्ता चली गई थी और भाजपा ने निर्दलीयों के सहारे सरकार बना ली थी। इस बार राजस्थान में भी काफी निर्दलीय प्रत्याशियों के जीतने की संभावना के चलते कांग्रेस ने जरूरत पडऩे पर निर्दलीयों को पक्ष में करने की योजना तैयार कर ली है। इसीलिए कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने जयपुर में जोड़-तोड़ में माहिर चंद्रराज सिंघवी से संपर्क साधा है।

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