शराब नीति पर सीबीआई ने दर्ज की FIR, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत 15 लोगों का है नाम

Edited By rajesh kumar,Updated: 19 Aug, 2022 07:01 PM

cbi registers fir on liquor policy

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के एक सहयोगी द्वारा संचालित कंपनी को एक शराब कारोबारी ने कथित तौर पर एक करोड़ रुपये का भुगतान किया।

नेशनल डेस्क: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के एक सहयोगी द्वारा संचालित कंपनी को एक शराब कारोबारी ने कथित तौर पर एक करोड़ रुपये का भुगतान किया। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आबकारी नीति 2021-22 को तैयार करने और इसके क्रियान्वयन में कथित भ्रष्टाचार पर अपनी प्राथमिकी में यह दावा किया है। सीबीआई ने शुक्रवार को मध्य दिल्ली में सिसोदिया के आधिकारिक आवास और सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 20 अन्य स्थानों पर छापे मारे। केंद्रीय एजेंसी ने आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के प्रावधानों से संबंधित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं के तहत 17 अगस्त को दर्ज अपनी प्राथमिकी में 15 लोगों का नाम लिया है।

Delhi Dy CM Manish Sisodia among 15 persons booked by name in FIR filed by CBI. Excise officials, liquor company executives, dealers along with unknown public servants & private persons have too been booked in the case (addresses omitted, previous tweet had personal information) pic.twitter.com/44L12CmHNn

— ANI (@ANI) August 19, 2022

सिसोदिया के अलावा सीबीआई ने आरोपियों के रूप में तत्कालीन आबकारी आयुक्त आरव गोपी कृष्ण, तत्कालीन उप आबकारी आयुक्त आनंद कुमार तिवारी, सहायक आबकारी आयुक्त पंकज भटनागर, नौ व्यवसायी और दो कंपनियों को नामजद किया है। सिसोदिया के पास आबकारी विभाग की भी जिम्मेदारी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के माध्यम से उपराज्यपाल वी के सक्सेना के कार्यालय को भेजे गए एक संदर्भ पर प्राथमिकी दर्ज की गई। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि सिसोदिया और अन्य आरोपी लोक सेवकों ने ‘‘निविदा के बाद लाइसेंसधारियों को अनुचित लाभ देने के इरादे से'' सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बिना उत्पाद नीति 2021-22 से संबंधित सिफारिश की और निर्णय लिया।

प्राथमिकी में कहा गया है कि मनोरंजन और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ‘ओनली मच लाउडर' के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विजय नायर, पर्नोड रिकार्ड के पूर्व कर्मचारी मनोज राय, ब्रिंडको स्पिरिट्स के मालिक अमनदीप ढल और इंडोस्पिरिट्स के मालिक समीर महेंद्रू सक्रिय रूप से पिछले साल नवंबर में लाई गई आबकारी नीति का निर्धारण और क्रियान्वयन में अनियमितताओं में शामिल थे। एजेंसी ने आरोप लगाया कि गुड़गांव में बडी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा और अर्जुन पांडे, सिसोदिया के ‘‘करीबी सहयोगी'' हैं और आरोपी लोक सेवकों के लिए ‘‘शराब लाइसेंसधारियों से एकत्र किए गए अनुचित आर्थिक लाभ के प्रबंधन और स्थानांतरण करने में सक्रिय रूप से शामिल थे।''

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि दिनेश अरोड़ा द्वारा प्रबंधित राधा इंडस्ट्रीज को इंडोस्पिरिट्स के समीर महेंद्रू से एक करोड़ रुपये मिले। प्राथमिकी में कहा गया है, ‘‘सूत्र ने आगे खुलासा किया कि अरुण रामचंद्र पिल्लई, विजय नायर के माध्यम से समीर महेंद्रू से आरोपी लोक सेवकों को आगे स्थानांतरित करने के लिए अनुचित धन एकत्र करता था। अर्जुन पांडे नाम के एक व्यक्ति ने विजय नायर की ओर से समीर महेंद्रू से लगभग 2-4 करोड़ रुपये की बड़ी नकद राशि एकत्र की।'' एजेंसी का आरोप है कि सनी मारवाह की महादेव लिकर को योजना के तहत एल-1 लाइसेंस दिया गया था। यह भी आरोप लगाया कि दिवंगत शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा की कंपनियों के बोर्ड में शामिल मारवाह आरोपी लोक सेवकों के निकट संपर्क में था और उन्हें नियमित रूप से रिश्वत देता था।

 

 

Related Story

Trending Topics

India

South Africa

Match will be start at 02 Oct,2022 08:30 PM

img title img title

Everyday news at your fingertips

Try the premium service

Subscribe Now!