चाको ने कहा, मैं दिल्ली प्रभारी नहीं रहना चाहता

Edited By Pardeep,Updated: 30 Aug, 2019 05:17 AM

chacko said i don t want to be in charge of delhi

कांग्रेस के महासचिव पीसी चाको ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से दिल्ली प्रभारी का पद छोडऩे की इच्छा जताई है। वह अब केरल वापस जाना चाहते हैं। माना जा रहा है कि अगर उनकी बात कांग्रेस हाई कमान द्वारा स्वीकार कर ली जाती है, तो सोनिया गांधी...

नई दिल्ली: कांग्रेस के महासचिव पीसी चाको ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से दिल्ली प्रभारी का पद छोडऩे की इच्छा जताई है। वह अब केरल वापस जाना चाहते हैं। माना जा रहा है कि अगर उनकी बात कांग्रेस हाई कमान द्वारा स्वीकार कर ली जाती है, तो सोनिया गांधी को  दिल्ली में संगठन के नए अध्यक्ष के साथ-साथ प्रभारी को भी नियुक्त करना पड़ेगा। 

याद रहे कि शीला दीक्षित के निधन के बाद से आज तक दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद का स्थान खाली पड़ा है। कुछ माह बाद ही दिल्ली में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। आम आदमी पार्टी और भाजपा के नेताओं ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं, लेकिन दिल्ली कांग्रेस ने अभी तक कोई रणनीति नहीं बनाई है। कार्यकर्ताओं का कहना है यदि जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष पद पर किसी नेता को नियुक्त नहीं किया गया, तो इससे पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। 

इसी दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चाको द्वारा दिल्ली के प्रभारी पद से मुक्त किए जाने की इच्छा जताने को गंभीर बात माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि मैंने गत मंगलवार को सोनिया जी से मुलाकात के दौरान उनको अपनी इच्छा से उन्हें अवगत कराया था कि मुझे प्रभारी की जिम्मेदारी से मुक्त किया जाए। चाको ने कहा, अगर मुझे इस जिम्मेदारी से मुक्त किया जाता है तो खुशी होगी। पिछले साढ़े चार वर्षों से दिल्ली कांग्रेस के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे चाको ने कहा कि अब दिल्ली कांग्रेस के नए अध्यक्ष के साथ किसी अन्य नेता को प्रभारी की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। चाको ने कहा कि वह केरल की राजनीति में वापस नहीं जाना चाहते और पार्टी के भीतर किसी अन्य भूमिका में काम करना चाहते हैं। 

आप से गठबंधन को लेकर बढ़ी थी राजनीतिक तल्खी
याद रहे कि गत लोकसभा चुनाव से पूर्व दिल्ली की सातों सीटों पर ‘आप’ के साथ गठबंधन किए जाने के मुद्दे को लेकर चाको और शीला दीक्षित के बीच 36 का आंकड़ा हो गया था। आखिर में तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी ने शीला का समर्थन करते हुए हुए ‘आप’ के साथ गठबंधन नहीं करने का निर्णय लेते हुए सातों सीटों पर अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारने का निर्णय लिया था। बेशक कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई लेकिन उस चुनाव में आम आदमी पार्टी को काफी नुक्सान हुआ था और आप के कई प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी। उसके बाद से कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने चाको का विरोध करना शुरू कर दिया था। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार उस चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद चाको ने पार्टी के कई नेताओं के साथ बातचीत में यह कहा था कि अब वह दिल्ली पार्टी प्रभारी का पद छोडऩा चाहते हैं। लेकिन उस समय किसी कारणवश वह अपनी इच्छा नहीं जता पा रहे थे। अब उनका प्रभारी पद से जाना लगभग तय माना जा रहा है।

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