Edited By Ramkesh,Updated: 01 Sep, 2026 03:50 PM

त्रिपुरा के धलाई जिले के अंबासा स्थित विशेष अदालत ने वर्ष 2016 में दर्ज नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी विजय घोष को दोषी करार देते हुए 14 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है। अदालत ने विजय घोष पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, जिसे...
अगरतला: त्रिपुरा के धलाई जिले के अंबासा स्थित विशेष अदालत ने वर्ष 2016 में दर्ज नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी विजय घोष को दोषी करार देते हुए 14 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है। अदालत ने विजय घोष पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, जिसे अदा न करने पर छह महीने के अतिरिक्त साधारण कारावास का प्रावधान है। विजय घोष को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(1) के तहत दंडनीय अपराध का दोषी ठहराया गया है।
यह मामला पोक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के प्रावधानों के तहत भी आता है। इसकी प्राथमिकी मनु थाने में दर्ज करायी गयी थी। दोषी ने शाम के समय घर में अकेले होने का फायदा उठाकर पड़ोस की एक नाबालिग से दुष्कर्म किया था और बाद में घटना की जानकारी किसी को न देने की धमकी दी थी। पीड़िता ने हालांकि यह बात अपने माता-पिता को बता दी थी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया। विस्तृत जांच के बाद, मनु थाने की महिला उप-निरीक्षक सीमा दास चौधरी ने मई 2017 में आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद विजय घोष को दोषी पाया और उसे 14 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनायी।
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उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक दुखद मामला सामने आया है। डेढ़ साल पहले सोशल मीडिया से शुरु हुई प्रेम फिर रिश्तों के डोर में बंधी कहानी का दुखद अंत हो गया है। यहां पर एक विवाहता का शव उसके घर में पड़ मिला इसे इलाके में हड़कंप मच गया। पड़ोसियों की मानें तो पति- पत्नी में देर रात झगड़ा हुआ। उसके बाद पति कमरे के बाहर से कुंडा बंद कर मौके से फरार हो गया। लोगों ने बताया कि जब सुबह पत्नी शिवानी नहीं उठी तो दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई अवाज नहीं आई तो खिड़की से झांक कर देखा तो बिस्तर पर विवाहिता मृत पड़ी थी।