Edited By Anu Malhotra,Updated: 04 Sep, 2026 02:13 PM

राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने उन तीन आरोपियों पर आरोप तय किए हैं और मुक़दमा चलाने का आदेश दिया है, जिन्हें कथित तौर पर 31 दिसंबर, 2023 को 50 लाख रुपये की नकली भारतीय करेंसी के साथ गिरफ़्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आसिफ़ अली, सरताज खान और...
नई दिल्ली: राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने उन तीन आरोपियों पर आरोप तय किए हैं और मुक़दमा चलाने का आदेश दिया है, जिन्हें कथित तौर पर 31 दिसंबर, 2023 को 50 लाख रुपये की नकली भारतीय करेंसी के साथ गिरफ़्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आसिफ़ अली, सरताज खान और दानिश अली को अक्षरधाम मंदिर के पास नोएडा लिंक रोड से गिरफ़्तार किया था और उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया था। आरोप है कि गिरफ़्तारी के बाद ये आरोपी पुलिस की हिरासत से भागने की कोशिश कर रहे थे और उन्होंने पुलिस टीम के साथ हाथापाई की और उन्हें चोट पहुंचाई।
स्पेशल जज अमित बंसल ने गुरुवार को आसिफ़ अली, सरताज खान और दानिश अली के ख़िलाफ़ ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारी पर हमला करने, जानबूझकर चोट पहुंचाने, सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने, नकली करेंसी बनाने, नकली करेंसी रखने और आपराधिक साज़िश रचने के आरोप तय किए।
कोर्ट ने आरोपी आसिफ़ अली, सरताज खान और दानिश अली के ख़िलाफ़ IPC की धारा 186, 353, 323, 34, धारा 120B, धारा 489B और 489C (धारा 120B के साथ) और धारा 489D (धारा 120B के साथ) के तहत आरोप तय किए हैं। आरोपियों ने आरोपों से इनकार किया। और ट्रायल की मांग की। कोर्ट ने इस मामले में अभियोजन पक्ष के सबूत पेश करने के लिए 30 सितंबर, 3 अक्टूबर और 8 अक्टूबर की तारीखें तय की हैं। आरोपों पर बहस के दौरान, दिल्ली पुलिस के सरकारी वकील ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 186, 353, 323 और 34 के तहत आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
उन्होंने आगे तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष के तथ्यों से यह भी साफ है कि तीनों आरोपी अपनी आपराधिक साजिश के तहत 30 दिसंबर 2023 को रात करीब 9:55 बजे दिल्ली में अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन के पास नोएडा लिंक रोड पर नकली नोट (FICN) बेचने के लिए खरीदार का इंतजार कर रहे थे।
वहां आरोपी आसिफ अली ने HC राकेश (नकली ग्राहक) को 500 रुपये के मूल्यवर्ग वाले 100 नकली नोट (कुल 50,000 रुपये) सौंपे, जिसके बाद रेड करने वाली टीम ने तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान, आरोपी आसिफ अली से 500 रुपये के मूल्यवर्ग वाले 100 नकली नोटों (कुल 1,00,000 रुपये) के 2 बंडल/गड्डी बरामद किए गए, आरोपी दानिश अली से 500 रुपये के मूल्यवर्ग वाले 100 नकली नोटों (कुल 1,00,000 रुपये) के 2 बंडल/गड्डी बरामद किए गए और आरोपी सरताज खान से 500 रुपये के मूल्यवर्ग वाले 100 नकली नोटों (कुल 1,00,000 रुपये) के 2 बंडल/गड्डी बरामद किए गए।
उन्होंने आगे तर्क दिया कि कार की अगली सीट पर बैठे आरोपी आसिफ अली के सामने रखे प्लास्टिक बैग से 500 रुपये के मूल्यवर्ग वाले 100 नोटों (कुल 46,50,000 रुपये) वाले 93 बंडल/गड्डी बरामद किए गए, जो सभी आरोपियों के संयुक्त कब्जे से भी बरामद हुए। सरकारी वकील ने तर्क दिया कि रिकॉर्ड में सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 489B के तहत आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं और... IPC की धारा 489C और धारा 120B के तहत मामला।
1 जनवरी 2024 को जांच के दौरान, आरोपियों की निशानदेही पर, यूपी के बदायूं जिले के सहसवान कस्बे में मोहल्ला पठान टोला के पास मैक्स हॉस्पिटल की दूसरी मंजिल पर बने एक कमरे में उनके ठिकाने से नकली भारतीय करेंसी नोट (FICN) छापने का पूरा सेट बरामद किया गया। इसमें ज़रूरी सामान, औज़ार और सामग्री शामिल थी।